नई दिल्ली: 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन के दिन आंशिक चंद्र ग्रहण लगा, जो अब समाप्त हो चुका है. भारतीय समय के अनुसार ग्रहण सुबह शुरू होकर दोपहर करीब साढ़े 12 बजे तक रहा. भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं दिया, क्योंकि उस समय चंद्रमा क्षितिज के नीचे था.
ऐसे में भारत में सूतक भी मान्य नहीं माना गया. हालांकि, जिन लोगों के मन में ग्रहण को लेकर चिंता है या जिन्हें लगता है कि उनसे कोई गलती हो गई है, वे श्रद्धा के अनुसार कुछ सामान्य उपाय कर सकते हैं.
ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान को शुद्धि का प्रमुख उपाय माना जाता है. साफ पानी से सामान्य रूप से स्नान किया जा सकता है. अगर घर में गंगाजल उपलब्ध है तो उसे स्नान के पानी में थोड़ी मात्रा में मिलाया जा सकता है. इसके बाद साफ या धुले हुए कपड़े पहनें. धार्मिक मान्यता के अनुसार स्नान का उद्देश्य केवल शरीर की सफाई नहीं, बल्कि मन को भी शांत करना माना जाता है.
स्नान के बाद जरूरतमंद व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार दान किया जा सकता है. धार्मिक मान्यताओं में चावल, दूध, सफेद वस्त्र, चांदी या धन का दान शुभ माना जाता है. दान करते समय दिखावे से बचना चाहिए. जरूरतमंद व्यक्ति की मदद करना ही इसका मुख्य भाव होना चाहिए.
घर की सामान्य सफाई करने के बाद पूजा घर, मुख्य द्वार और कमरों में गंगाजल का हल्का छिड़काव किया जा सकता है. तुलसी के पौधे के पास भी गंगाजल छिड़कने की धार्मिक मान्यता है. इसे डर के कारण करने के बजाय श्रद्धा और सकारात्मक भाव से करना बेहतर माना जाता है.
अगर मन में ग्रहण को लेकर डर या बेचैनी बनी हुई है तो भगवान शिव के मंत्र ॐ नमः शिवाय का जाप किया जा सकता है. महामृत्युंजय मंत्र का जाप भी धार्मिक रूप से शुभ माना जाता है. चंद्र देव के लिए ॐ सों सोमाय नमः या ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे नमः का जाप करने की भी मान्यता है.
कुछ धार्मिक मान्यताओं में राहु और केतु के मंत्रों का जाप भी बताया गया है. हालांकि, इसके लिए किसी विशेष अनुष्ठान की आवश्यकता नहीं है. श्रद्धा के अनुसार शांत मन से मंत्र जाप करना पर्याप्त माना जाता है.
चंद्र ग्रहण के कारण रक्षाबंधन पर बांधी गई राखी को उतारने की जरूरत नहीं है. भारत में 28 अगस्त का यह ग्रहण दिखाई नहीं दिया और यहां सूतक भी मान्य नहीं माना गया. इसलिए इसे लेकर अनावश्यक डर या चिंता करने की आवश्यकता नहीं है.
धार्मिक उपायों को आस्था का विषय मानते हुए किया जाना चाहिए. स्नान, दान, गंगाजल और मंत्र जाप जैसे उपाय मन को शांति देने वाले धार्मिक कर्म माने जाते हैं. सबसे जरूरी बात यह है कि ग्रहण को लेकर भय न रखें और दिन को सकारात्मक भाव के साथ बिताएं.