नई दिल्ली: पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय बांगर की बेटी अनाया बांगर को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने ऑस्ट्रेलिया में महिला कम्युनिटी और प्रीमियर क्रिकेट खेलने की मंजूरी दी है. इसके बाद दक्षिण अफ्रीका की स्टार ऑलराउंडर मरिजाने कैप ने इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई. कैप ने सोशल मीडिया पर इसे गलत बताते हुए ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों के महिला क्रिकेट में खेलने के मुद्दे को फिर बहस के केंद्र में ला दिया है. अनाया अब मैदान पर वापसी कर प्रदर्शन के जरिए अपनी जगह बनाना चाहती हैं.
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के फैसले पर मरिजाने कैप ने इंस्टाग्राम के जरिए प्रतिक्रिया दी. उन्होंने अनाया को महिला क्रिकेट में खेलने की मंजूरी दिए जाने पर आपत्ति जताते हुए इसे बिल्कुल अनुचित बताया. कैप की टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब अनाया ने ऑस्ट्रेलिया में प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी की तैयारी शुरू की है. उनकी नजर आगे चलकर उच्च स्तर के महिला क्रिकेट पर भी है.
अनाया बांगर ने 2023 में बताया था कि उन्होंने हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी शुरू की है. इसके बाद 2026 में उन्होंने जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी कराई. इससे पहले वह मुंबई की युवा क्रिकेट व्यवस्था में बल्लेबाज और ऑलराउंडर के रूप में खेल चुकी हैं. अब क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की मंजूरी के बाद वह महिला कम्युनिटी और प्रीमियर क्रिकेट में वापसी कर सकती हैं. हालांकि, उन्हें किसी टीम में स्वतः जगह नहीं मिली है.
अनाया का कहना है कि उनकी पहचान या पुराना क्रिकेट रिकॉर्ड टीम में चयन का आधार नहीं होना चाहिए. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की मंजूरी को वह केवल वापसी का रास्ता मानती हैं, चयन की गारंटी नहीं. मार्च 2027 से एलीट क्रिकेट में आगे बढ़ने के लिए उन्हें लागू पात्रता नियमों, टेस्टोस्टेरोन मानकों और रक्त जांच जैसी शर्तों को पूरा करना होगा. अनाया का जोर साफ है कि वह अपने प्रदर्शन से टीम में जगह बनाना चाहती हैं.
अनाया के मामले में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट के नियमों का अंतर भी अहम है. आईसीसी की 2023 में लागू नीति के तहत ऐसी ट्रांसजेंडर महिलाएं, जिन्होंने पुरुष यौवन का अनुभव किया है, अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट में हिस्सा नहीं ले सकतीं. दूसरी ओर, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने अपने घरेलू नियमों के तहत अनाया के मामले पर विचार करने के बाद उन्हें कम्युनिटी और प्रीमियर क्रिकेट की अनुमति दी है.
ऑस्ट्रेलिया में घरेलू क्रिकेट खेलने की मंजूरी का मतलब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए पात्रता या एलीट टीम में चयन नहीं है. अनाया के लिए फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती नियमित अभ्यास, प्रतिस्पर्धा और प्रदर्शन के जरिए खुद को साबित करना है. दूसरी ओर, मरिजाने कैप की टिप्पणी ने महिला क्रिकेट में ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों की भागीदारी को लेकर चल रही बहस को फिर तेज कर दिया है. अब अनाया की अगली चुनौती मैदान पर अपनी क्षमता दिखाने की होगी.