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आज से शुरू हुआ मलमास, 17 मई से 15 जून तक भूलकर भी कर लिया ये काम तो पूरे साल मुसीबत नहीं छोड़ेगी पीछा

मलमास महीना शुरू हो चुका है. इस दौरान कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना जरूरी है. आज आपको उन बातों के बारे में बताएंगे कि मलमास के दौरान क्या करना चाहिए और क्या करने से बचने की जरूरत होती है.

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Edited By: Shanu Sharma
आज से शुरू हुआ मलमास, 17 मई से 15 जून तक भूलकर भी कर लिया ये काम तो पूरे साल मुसीबत नहीं छोड़ेगी पीछा
Courtesy: AI

आज से मलमास शुरू हो गया है. इसका मतलब है कि इस बार ज्येष्ठ का महीना एक नहीं बल्कि दो महीने तक चलने वाला है. हिंदू मान्यताओं के मुताबिक इस अधिक महीने के दौरान कोई भी शुभ काम जैसे की शादी, गृह प्रवेश, मुंडन, जनेऊ संस्कार जैसे बड़े अनुष्ठान ना करें.

मलमास को पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है. जिसकी शुरुआत आज यानी 17 मई से हो चुकी है और इसकी समाप्ति 15 जून होगी. वहीं ज्येष्ठ का महीना 29 जून को खत्म होगा. इस अवधि के दौरान दोनों महीने एक-दूसरे के साथ चलते रहेंगे. इसी वजह से इसे मलमास कहा जाता है.

पुरुषोतम मास में भगवान विष्णु की पूजा करें

पुरुषोतम मास भगवान विष्णु को समर्पित होता है. हिंदू कथाओं के मुताबिक जब महीनों के नाम तय किए जा रहे थे तो अधिक मास को डर था कि लोग उसे अशुभ मानेंगे. तभी भगवान विष्णु ने उन्हें आशीर्वाद दिया कि इस महीने को मेरे नाम से जाना जाएगा. इस दौरान सांसारिक सुखों का कोई महत्व नहीं होगा, बल्कि इस महीने में लोग पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यों में ज्यादा समय देंगे. इस महीने के पीछे सौर और चंद्र कैलेंडरों के बीच आने वाले अंतर का भी हाथ बताया जाता है. कहा जाता है कि एक सौर साल 365 दिनों का होता है. वहीं चंद्र वर्ष लगभग 354–355 दिनों का होता है. यह अंतर धीरे-धीरे बढ़ता जाता है और लगभग 32 महीने और 16 दिनों के बाद, हिंदू कैलेंडर को संतुलित करने के लिए एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है.

मलमास महीने में करें ये काम

माना जाता है कि इस दौरान भगवान विष्णु की पूजा करने से भक्तों की मनोकामना पूर्ण होती है. इस दौरान भक्तों को विष्णु पूजा करें, विष्णु मंत्रों का जाप करें और विष्णु पुराण, श्रीमद् भागवतम् और रामायण जैसे ग्रंथों का पाठ करने की सलाह दी जाती है. इस दौरान शालिग्राम भगवान की प्रार्थना करना और प्रतिदिन घी का दीपक जलाना भी काफी लाभदायी बताया जाता है. भगवान सत्यनारायण की पूजा और कथा से घर में खुशियां आती हैं. वहीं जिन लोगों पर ग्रहों का दोष है, उन्हें महामृत्युंजय मंत्र जाप करने की सलाह दी जाती है. नदियों में स्नान करना भी शुभ बताया जाता है, वहीं अगर आप नदी नहीं जा पा रहे हैं तो घर के पानी में ही गंगाजल मिलाएं.