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Sawan 2025: सावन में इस दिन गलती से भी न खरीदें चूड़ियां, सूर्य और मंगल ग्रह का पड़ता है बुरा असर!

सावन का महीना हिंदू धर्म में बेहद पवित्र माना जाता है और इस दौरान खास रूप से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है. यह महीना खास तौर पर महिलाओं के लिए सौभाग्य और सुंदरता का प्रतीक होता है. इस दौरान हरी चूड़ियां पहनने की परंपरा बहुत महत्व रखती है.

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Edited By: Princy Sharma
Sawan 2025: सावन में इस दिन गलती से भी न खरीदें चूड़ियां, सूर्य और मंगल ग्रह का पड़ता है बुरा असर!
Courtesy: Pinterest

Sawan 2025: सावन का महीना हिंदू धर्म में बेहद पवित्र माना जाता है और इस दौरान खास रूप से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है. यह महीना खास तौर पर महिलाओं के लिए सौभाग्य और सुंदरता का प्रतीक होता है. इस दौरान हरी चूड़ियां पहनने की परंपरा बहुत महत्व रखती है.

सावन में हरी चूड़ियां खरीदने का सबसे शुभ समय है श्रावण सोमवार, हरियाली तीज, मंगला गौरी व्रत, नाग पंचमी और रक्षाबंधन जैसे विशेष त्योहारों से पहले. इन दिनों को खास माना जाता है क्योंकि इन दिनों चूड़ियों की खरीदारी से शुभ फलों की प्राप्ति होती है.

सावन में हरी चूड़ियां खरीदते समय ध्यान रखें कि रविवार और मंगलवार को यह काम शुभ नहीं माना जाता. इस दिन सूर्य और मंगल ग्रह के प्रभाव के कारण चूड़ियां खरीदना टालना चाहिए.

हरी चूड़ी पहनने के नियम

  • चूड़ियां पहनते समय भगवान शिव और माता पार्वती का ध्यान करें.
  • चूड़ियों को शुद्ध जल या गंगाजल से धोकर पहनना चाहिए.
  • यदि चूड़ियां पूजा या व्रत के लिए हैं, तो पूजा के बाद ही इन्हें पहनें.
  • चूड़ियां हमेशा साफ-सुथरे और शांत वातावरण में पहनें.
  • सावन के दौरान जरूरतमंद महिलाओं को हरी चूड़ियां दान करना पुण्य का काम माना जाता है.

धार्मिक मान्यता

हरी चूड़ियां न केवल स्त्री के सौभाग्य का प्रतीक मानी जाती हैं, बल्कि यह विश्वास भी है कि इन्हें पहनने से वैवाहिक जीवन सुखमय रहता है और पति की आयु व समृद्धि में वृद्धि होती है. साथ ही यह माता पार्वती और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का एक उत्तम साधन है. इस सावन, अपनी पूजा और व्रतों के साथ हरी चूड़ियां पहनने की परंपरा को अपनाएं और अपने जीवन में शुभता का आह्वान करें!