नई दिल्ली: देवगुरु बृहस्पति को ज्योतिष में सबसे शुभ ग्रह माना जाता है. उनकी चाल यानी गोचर हर इंसान के जीवन में बड़ा असर डालती है. इस समय देवगुरु बृहस्पति चंद्रमा की राशि कर्क में अतिचारी अवस्था में गोचर कर रहे हैं. ज्योतिष के अनुसार, बृहस्पति का यह गोचर बहुत खास है क्योंकि यह कई शुभ राजयोगों का निर्माण कर रहा है. 18 अक्टूबर को बृहस्पति ने कर्क राशि में प्रवेश किया था और अब वे यहां 5 दिसंबर 2025 तक रहेंगे. इस बीच, वे कई ग्रहों के साथ मिलकर शुभ-अशुभ योग बना रहे हैं.
लेकिन सबसे बड़ा और शुभ योग बनने जा रहा है 10 नवंबर 2025 को दोपहर 1 बजकर 2 मिनट पर, जब चंद्रमा भी कर्क राशि में प्रवेश करेंगे. इस दिन बृहस्पति और चंद्रमा के मिलन से बनेगा गजकेसरी योग, जिसे बहुत ही शक्तिशाली और शुभ योग माना गया है. बृहस्पति पहले से ही कर्क राशि में हंस महापुरुष राजयोग बना चुके हैं और अब गजकेसरी योग बनने से कुछ राशियों के जीवन में बड़ा बदलाव आ सकता है.
मेष राशि वालों के लिए यह योग बेहद भाग्यशाली साबित होगा. लंबे समय से बेरोजगार लोगों को नौकरी के अवसर मिल सकते हैं. व्यापारियों की आमदनी बढ़ेगी और परिवार में खुशियां आएंगी. रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं और आत्मविश्वास बढ़ेगा. ऐसे में इस दिन मेष राशि की जिंदगी में नौकरी और खुशियां दस्तक दें सकती हैं.
क्योंकि यह योग कर्क राशि में ही बन रहा है, इसलिए इस राशि के जातकों के लिए समय बेहद शुभ रहेगा. मानसिक रूप से मजबूती मिलेगी और करियर से जुड़ी परेशानियां खत्म होंगी. धन की स्थिति सुधरेगी और नए अवसर सामने आएंगे. जो लोग प्रमोशन या नई जॉब की उम्मीद कर रहे हैं, उन्हें अच्छी खबर मिल सकती है.
कन्या राशि के जातकों के लिए भी गजकेसरी योग खास लाभ लेकर आएगा. व्यापार में बड़ी डील हो सकती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. साथ ही समाज में सम्मान और पहचान बढ़ेगी. कुल मिलाकर कन्या राशि के लिए गजकेसरी योग लाभदायक होगा और किस्मत भी चमक सकती है.