राशन हो या नौकरी, बस स्कैन करें', 'Pay2TMC' पोस्टरों के जरिए BJP ने TMC पर किया वार
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण से पहले कोलकाता में टीएमसी के खिलाफ 'कट-मनी' वाले पोस्टर लगे हैं. क्यूआर कोड वाले ये पोस्टर सरकारी नौकरियों और राशन वितरण में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगा रहे हैं.
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में चुनावी पारा अपने चरम पर है. पहले चरण के मतदान से पहले राजधानी कोलकाता के व्यस्त बाजारों, बस स्टैंडों और सार्वजनिक स्थानों पर कुछ ऐसे पोस्टर दिखाई दिए हैं, जिन्होंने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है. भारतीय जनता पार्टी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने इन पोस्टरों की तस्वीरें साझा करते हुए ममता सरकार पर तीखा हमला बोला है.
इन पोस्टरों की सबसे खास बात इसमें छपा एक बड़ा क्यूआर कोड है, जिस पर 'pay2tmc' लिखा है. इसके साथ ही बंगाली भाषा में एक नारा लिखा है- 'राशन होक बा चाकरी... स्कैन कोरुन', जिसका हिंदी अनुवाद है, 'चाहे राशन हो या नौकरी... बस स्कैन करें'. भाजपा इस डिजिटल अभियान के जरिए यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि टीएमसी शासन में हर बुनियादी अधिकार और सेवा के लिए एक 'कट-मनी' वाली निश्चित कीमत चुकानी पड़ती है.
नौकरियों में धांधली का बड़ा मुद्दा
भाजपा का यह अभियान मुख्य रूप से स्कूल भर्ती घोटाले को निशाना बना रहा है. पोस्टर उन हजारों योग्य उम्मीदवारों की याद दिलाते हैं, जो भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. आरोप है कि योग्य होने के बावजूद इन युवाओं से नौकरी के बदले मोटी रिश्वत मांगी गई. अमित मालवीय ने आरोप लगाया कि टीएमसी ने मेधावी छात्रों की मेहनत को नीलाम कर दिया और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया, जिससे राज्य के युवाओं में भारी आक्रोश है.
राशन वितरण में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप
नौकरियों के अलावा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में गड़बड़ी भी इस पोस्टर अभियान का केंद्र है. भाजपा का दावा है कि गरीबों के लिए आने वाला सस्ता अनाज टीएमसी के बिचौलियों द्वारा निजी लाभ के लिए हड़प लिया गया. पोस्टर के माध्यम से यह बताने की कोशिश की गई है कि बंगाल के सबसे गरीब तबके के मुंह का निवाला छीनकर सत्ताधारी दल के सिंडिकेट ने अपनी तिजोरियां भरी हैं. राशन घोटाले ने ग्रामीण इलाकों में सरकार की छवि को काफी प्रभावित किया है.
अमित मालवीय ने साधा निशाना
अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि ममता बनर्जी की 'टोलाबाजी' का अब डिजिटल पता 'pay2tmc' बन चुका है. उन्होंने कहा कि कोलकाता की दीवारें जनता की नफरत को बयां कर रही हैं. मालवीय के अनुसार, टीएमसी सरकार का असली डीएनए 'कट-मनी' है. उन्होंने बंगाल की जनता से अपील की कि वे मतदान के दिन टीएमसी को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाकर इस भ्रष्ट और वसूली वाली सरकार को पूरी तरह से लॉग आउट कर दें.
पहले चरण की अग्निपरीक्षा और दांव
जैसे-जैसे मतदान की घड़ी नजदीक आ रही है, राजनीतिक बयानबाजी और पोस्टर युद्ध तेज होता जा रहा है. कल होने वाले पहले चरण के मतदान के लिए भाजपा ने भ्रष्टाचार को सबसे बड़ा चुनावी हथियार बनाया है. भाजपा का मानना है कि 'pay2tmc' जैसे अभियान जनता के मन में टीएमसी के प्रति अविश्वास को और गहरा करेंगे. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बंगाल की जनता इन भ्रष्टाचार के आरोपों पर क्या फैसला सुनाती है और मतदान केंद्र पर किसका भविष्य तय करती है.
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