नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में चुनावी पारा चरम पर है और विधानसभा चुनावों के पहले चरण के मतदान की तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं. शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग ने सुरक्षा के कड़े कदम उठाए हैं. विशेष रूप से दोपहिया वाहनों की आवाजाही पर कई पाबंदियां लागू की गई हैं. इन उपायों का मुख्य उद्देश्य चुनावी हिंसा रोकना और मतदाताओं के भीतर सुरक्षा की भावना को मजबूत करना है ताकि वे बिना किसी डर के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें.
चुनाव आयोग के आदेशानुसार, पहले चरण की 152 विधानसभा सीटों पर शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक बाइक या स्कूटर चलाने की अनुमति नहीं होगी. यह प्रतिबंध मंगलवार से प्रभावी होकर 23 अप्रैल तक जारी रहेगा. सुरक्षा की दृष्टि से यह फैसला बेहद महत्वपूर्ण है ताकि रात के समय असामाजिक तत्व चुनावी प्रक्रिया में खलल न डाल सकें. आयोग का उद्देश्य मतदान से पहले के संवेदनशील समय में कानून-व्यवस्था को पूरी तरह नियंत्रण में रखना है.
हालांकि, आम नागरिकों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए कुछ विशेष परिस्थितियों में छूट का प्रावधान भी रखा गया है. मेडिकल इमरजेंसी या किसी अनिवार्य पारिवारिक समारोह जैसे कार्यों के लिए लोग दोपहिया वाहन का उपयोग कर सकेंगे. परंतु, ऐसी किसी भी छूट के लिए स्थानीय पुलिस स्टेशन से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध अनुमति के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि सुरक्षा व्यवस्था में कोई सेंध न लग सके.
मतदाताओं को डराने-धमकाने और चुनावी माहौल को प्रभावित करने वाली बाइक रैलियों पर आयोग ने पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है. अक्सर देखा गया है कि इस तरह की रैलियां तनाव और हिंसा का केंद्र बन जाती हैं. स्वतंत्र चुनाव के मार्ग में ऐसी गतिविधियों को बाधा माना गया है. प्रशासन चुनावी प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की शक्ति प्रदर्शन की अनुमति नहीं देगा. इन उपायों से मतदाताओं को एक शांत और सुरक्षित वातावरण प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है.
दिन के समय भी दोपहिया वाहनों के लिए कड़े सुरक्षा मानक तय किए गए हैं. सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे के बीच बाइक पर पीछे बैठकर सवारी करने (पिलियन राइडिंग) पर रोक रहेगी. स्कूल के बच्चों, आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं और जरूरी पारिवारिक कार्यों के लिए ही इसमें ढील दी जाएगी. विशेष रूप से 23 अप्रैल को मतदान के दिन परिवार के सदस्यों को वोट डालने के लिए बाइक पर पीछे बैठकर केंद्र तक जाने की अनुमति विशेष रूप से दी गई है.
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने शांतिपूर्ण और पारदर्शी चुनाव कराने का पूरा भरोसा दिलाया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग बंगाल में स्वतंत्र मतदान सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाएगा. ये प्रतिबंध केवल सुरक्षा के लिहाज से लगाए गए हैं ताकि एक स्वस्थ लोकतांत्रिक वातावरण तैयार हो सके. सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और चप्पे-चप्पे पर निगरानी बढ़ा दी गई है. आयोग का लक्ष्य है कि मतदाता बिना किसी दबाव के अपने घर से बाहर निकलें.