menu-icon
India Daily

'जो वोट दिए उन्हें धोखा न दें', थलपति विजय के शपथ लेने के बाद पूर्व CM एमके स्टालिन ने दी सलाह

तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने नए सीएम सी. जीसेफ विजय को संदेश दिया है. उन्होंने विजय के भाषण पर भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए, सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर किया है.

shanu
Edited By: Shanu Sharma
'जो वोट दिए उन्हें धोखा न दें', थलपति विजय के शपथ लेने के बाद पूर्व CM एमके स्टालिन ने दी सलाह
Courtesy: ANI

तमिलनाडु के इतिहास का आज सबसे खास दिनों में से एक है. सी. जीसेफ विजय ने आज मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. इसी के साथ आज छह दशकों से चल रहे द्रविड दल का राज खत्म हो गया. विजय के शपथ लेने पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भी उन्हें एक संदेश और सलाह दी है.

डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने उन्हें बाधाई देते हुए उनके भाषण का जिक्र किया है. इतना ही नहीं उन्होंने विजय को खास संदेश दिया. यह संदेश राज्य के वित्त मामलों से जुड़ा था. उन्होंने इसे लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी शेयर किया. 

स्टालिन ने सोशल मीडिया पर दिया संदेश

स्टालिन ने पोस्ट शेयर करते हुए एक्स पर लिखा कि शुरू में ही यह कहना शुरू न करें कि सरकार के पास पैसे नहीं हैं, पैसे हैं. लेकिन जरूरत इस बात की है कि पैसे देने की इच्छाशक्ति हो और शासन करने की क्षमता हो. उन्होंने विजय को यह सलाह उनके शपथ ग्रहण भाषण का जिक्र करते हुए दी. जिसमें विजय ने कहा था कि पिछली सरकार ने 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज छोड़ा है और खजाना खाली कर दिया है. विजय के इस आरोप पर स्टालिन ने जवाब दिया कि तमिलनाडु का कर्ज का स्तर तय सीमा के अंदर ही है. इसके अलावा उन्होंने डीएमके के अनगिनत कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी जिक्र किया. 

स्टालिन ने विजय के चुनाव प्रचार पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि फरवरी महीने में बजट के दौरान तमिलनाडु सरकार ने अपनी वित्तीय स्थिति के बारे में साफ बताया था. तो क्या आपको फिर भी नहीं पता था कि हमारे पास क्या है? इसके बाद भी आपने लोगों से तरह-तरह के वादे किए. लेकिन जब लोगों ने वोट दे दिया तो आप उन्हें धोखा न दें. 

शपथ ग्रहण के बाद विजय ने क्या कहा?

थलपति विजय के लिए बहुमत का आंकड़ा जुटाना आसान नहीं था. एक हफ्ते तक चले उथल-पुथल के बाद कांग्रेस, VCK और  IUML की मदद से विजय को सरकार बनाने में सफलता मिली. हालांकि शपथ ग्रहण के बाद दिए अपने पहले भाषण में साफ कहा कि उनकी सरकार पूरी ईमानदारी से काम करेगी और किसी भी दबाव में नहीं रहेगी. उन्होंने साफ कहा कि उनके अलावा सत्ता का कोई और केंद्र नहीं होगा. इस दौरान उन्होंने अपनी पार्टी के कार्यकर्ता और सभी सपोर्टिंग पार्टियों को धन्यवाद दिया.