आज सभी लोग मदर्स डे मना रहे हैं. हालांकि महिलाओं की सुरक्षा आज भी देश की एक सबसे बड़ी समस्या है. ऐसे में हर महिलाओं पर खुद की सुरक्षा की जिम्मेदारी है. अगर आप भी एक महिला हैं या फिर आपके आस-पास कोई भी महिला है, तो उनके पास कुछ खास नंबरों का होना जरूरी है.
महिलाओं के साथ अक्सर घरेलू हिंसा और छेड़ाछाड़ की घटना होती रहती है. ऐसे में किसी भी महिला को घबराने के बजाए डट कर हिम्मत के साथ कदम उठाना चाहिए. आज हम आपको कुछ खास नंबर बताएंगे, जो आपके खराब समय में आपका साथ देगी.
आपको बता दें कि हमारे देश में एक सिंगल आपातकालीन नंबर चलाया जात है. जिसे पूरे भारत के लाखों लोग इस्तेमाल करते हैं. यह नंबर है 112, जिसे निर्भया कांड के बाद से शुरू किया गया था. इस नंबर का इस्तेमाल महिलाएं या कोई भी व्यक्ति अपनी जान बचाने के लिए कर सकता है. खास कर रात में अगर आप बाहर हैं और आपको लगे कि सुरक्षा की कमी है तो इस नंबर पर पहले ही कॉल कर लें. इससे कुछ मिनट में लोग आपके पास मदद के लिए आ जाएंगे.
यूपी सरकार द्वारा महिलाओं की मदद के लिए खास हेल्पलाइन नंबर 1090 शुरू किया गया है. इस नंबर पर महिला किसी भी शिकायत के लिए कॉल कर सकती है. यह टोल-फ्री नंबर पर किए गए शिकायत पर प्रशासन द्वारा तुरंत सख्त एक्शन लिया जाएगा.
भारत में हर सेकंड महिलाओं के साथ अप्रिय घटनाएं होती रहती है. घरेलु हिंसा, दहेज उत्पीड़न या किसी भी तरह की हो रही परेशानी से निपटने के लिए आप हेल्पलाइन नंबर 181 पर कॉल कर के मदद मांग सकती हैं.
महिला आयोग ने भी हाल में ही महिलाओं की मदद के लिए टोल फ्री नंबर शुरू की है. इसका भी बस यही मकसद है कि किसी भी परेशानी में महिलाओं की पूरी मदद की जा सके. एसिड अटैक से लेकर फिजिकल हैरेस्मेंट के मामले में भी आप महिला आयोग के 14490 नंबर पर मदद मांग सकती है.
इस नंबर के बारे में शायद ज्यादा लोगों को पता नहीं है. लेकिन राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने महिलाओं की मदद के लिए 14433 हेल्पलाइन नंबर शुरू किया है. इसमें खास तौर पर दहेज और यौन शोषण के मामलों को गंभीरता से ली जाती है.