कभी अस्पताल और इलाज के बीच अपना बचपन बिताने वाली 12 साल की त्रिशा ओंग ने हाल ही में अपनी जिंदगी का एक बेहद खास सपना पूरा किया. गंभीर किडनी बीमारी से लंबे समय तक जूझने और जान बचाने वाले किडनी ट्रांसप्लांट के बाद त्रिशा को एक दिन के लिए फ्लाइट अटेंडेंट बनने का मौका मिला.
यह खास मौका Make A Wish Australia और ऑस्ट्रेलियाई एयरलाइन Qantas की मदद से संभव हुआ. त्रिशा लंबे समय से Qantas के केबिन क्रू का हिस्सा बनने का सपना देख रही थीं. उनकी इच्छा पूरी करने के लिए एयरलाइन ने उनके लिए खास दिन की व्यवस्था की.
रिपोर्ट के मुताबिक, त्रिशा को महज चार साल की उम्र में किडनी से जुड़ी गंभीर समस्या का पता चला था. इसके बाद उनका बचपन अस्पताल के चक्कर, इलाज और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बीच बीता. त्रिशा ने बताया था कि यह सफर उनके लिए आसान नहीं रहा. उन्होंने अपनी जिंदगी का काफी हिस्सा अस्पताल में बिताया और लंबे समय तक इलाज और दूसरी परेशानियों का सामना किया.
12 वर्षीय ट्रिशा का Qantas की केबिन क्रू बनने का सपना Make-A-Wish Australia और Qantas ने मिलकर साकार किया। ट्रेनिंग से लेकर यात्रियों की सेवा तक, ट्रिशा ने हर पल का अनुभव किया। गंभीर बीमारी और किडनी ट्रांसप्लांट के बावजूद उसकी हिम्मत और सकारात्मकता ने सभी को प्रेरित किया।… pic.twitter.com/bzq4yBySM4
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हालांकि, बाद में हुए सफल ऑर्गन ट्रांसप्लांट के बाद उनकी स्थिति में सुधार आया. इसके बाद वह उस काम को करने की स्थिति में पहुंचीं, जिसका सपना वह लंबे समय से देख रही थीं.
त्रिशा के लिए Qantas ने खास तौर पर यूनिफॉर्म तैयार की. फ्लाइट अटेंडेंट की ड्रेस पहनने के बाद उन्होंने एयरलाइन के वास्तविक केबिन क्रू के साथ काम किया. सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में त्रिशा काफी उत्साहित नजर आ रही हैं. उन्होंने केबिन क्रू की ट्रेनिंग और जरूरी प्रक्रियाओं को समझा और फिर फ्लाइट से जुड़े अलग अलग कामों में हिस्सा लिया. Qantas ने इस खास पल को शेयर करते हुए बताया कि त्रिशा ने ट्रेनिंग से लेकर इमरजेंसी प्रोसीजर तक की जानकारी हासिल की और इसके बाद अपने विंग्स यानी बैज भी हासिल किए.
त्रिशा का यह अनुभव सिर्फ ट्रेनिंग तक सीमित नहीं रहा. एडिलेड जाने वाली एक कमर्शियल फ्लाइट के रवाना होने से पहले उन्होंने फ्लाइट की तैयारियों में हिस्सा लिया. जब यात्री विमान में पहुंचे तो त्रिशा ने केबिन क्रू के साथ मिलकर उनका स्वागत किया. उन्होंने सुरक्षा से जुड़ी घोषणाओं में भी हिस्सा लिया. इसके अलावा त्रिशा ने यात्रियों को स्नैक्स सर्व करने में भी मदद की. इस तरह कुछ घंटों के लिए ही सही, लेकिन उन्होंने वास्तविक फ्लाइट अटेंडेंट की तरह काम करने का अनुभव हासिल किया.
Qantas ने त्रिशा के इस खास दिन का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया. वीडियो में वह एयरलाइन की यूनिफॉर्म में दिखाई दे रही हैं और केबिन क्रू के सदस्यों के साथ अलग अलग गतिविधियों में हिस्सा ले रही हैं. एयरलाइन ने इस मौके को एक ऐसी इच्छा बताया जिसे पंख मिल गए. Qantas के मुताबिक, त्रिशा कई सालों से केबिन क्रू मेंबर बनने का सपना देख रही थीं और Make A Wish Australia के साथ मिलकर उस सपने को पूरा करने का मौका मिला.