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India Daily

'जहां मिलेंगे बाबू शोना तोड़ देंगे कोना कोना...', पटना में वैलेंटाइन डे से पहले पोस्टरों से मचा विवाद

पटना में वैलेंटाइन डे से पहले कुछ इलाकों में विवादित पोस्टर लगाए गए, जिनमें कपल्स को चेतावनी दी गई है. इस घटना ने राजनीतिक बयानबाजी और सामाजिक बहस को तेज कर दिया है.

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Edited By: Babli Rautela
'जहां मिलेंगे बाबू शोना तोड़ देंगे कोना कोना...', पटना में वैलेंटाइन डे से पहले पोस्टरों से मचा विवाद
Courtesy: X

वैलेंटाइन डे से कुछ दिन पहले बिहार की राजधानी पटना में विवाद खड़ा हो गया है. शहर के कुछ हिस्सों में ऐसे पोस्टर देखे गए हैं, जिनमें कपल्स को खुलेआम चेतावनी दी गई है. ये पोस्टर कथित तौर पर हिंदू शिवभवानी सेना नाम के एक संगठन की ओर से लगाए गए बताए जा रहे हैं. पोस्टरों में लिखा गया है, 'जहां मिलेंगे बाबू शोना तोड़ देंगे कोना कोना'. यह नारा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है और इसे लेकर बहस छिड़ गई है.

दीवारों और सार्वजनिक स्थानों पर चिपकाए गए इन पोस्टरों में दावा किया गया है कि वैलेंटाइन डे हिंदू संस्कृति के खिलाफ है. इसमें कहा गया है कि यह दिन अश्लीलता और तथाकथित लव जिहाद को बढ़ावा देता है.

सोशल मीडिया पर वायरल हुए पोस्टर

पोस्टर में यह भी लिखा गया है कि संगठन के सदस्य 14 फरवरी को शहर के पार्क और दूसरी सार्वजनिक स्थानों पर नजर रखेंगे. यदि कोई कपल आपत्तिजनक गतिविधि करते पाया गया तो वॉलंटियर दखल देंगे और सबक सिखाएंगे. कुछ पोस्टरों में पुलवामा हमले का भी उल्लेख किया गया है और लोगों से अपील की गई है कि वे इस दिन को शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए समर्पित करें. रिपोर्ट्स के अनुसार ऐसे ही पोस्टर मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में भी लगाए जाने की खबर है. हालांकि स्थानीय प्रशासन की ओर से अभी तक आधिकारिक बयान नहीं आया है.

राजनीतिक बयानबाजी

इस घटना ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है. राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता एजाज अहमद ने इस कदम की आलोचना की है. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ संगठन समाज में नफरत फैलाने और लोगों को बांटने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं दूसरी ओर, पोस्टर लगाने वाले संगठन का कहना है कि वे भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए यह कदम उठा रहे हैं.

भारत के कई शहरों में हर साल वैलेंटाइन डे को लेकर इसी तरह की बहस देखने को मिलती है. कुछ संगठन इसे पश्चिमी संस्कृति का प्रभाव बताते हैं, जबकि युवा वर्ग इसे अपने तरीके से मनाने की आजादी की बात करता है. पटना में लगे इन पोस्टरों ने एक बार फिर यही सवाल खड़ा कर दिया है कि प्यार के इस दिन को लेकर समाज में इतनी तीखी प्रतिक्रिया क्यों देखने को मिलती है.