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जोधपुर के एमडीएम अस्पताल कैंटीन में चाय पर बवाल, जूनियर डॉक्टर ने की गाली-गलौज, वीडियो वायरल होने के बाद हुआ सस्पेंड

जोधपुर के एमडीएम अस्पताल कैंटीन में चाय की गुणवत्ता पर विवाद के बाद जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर वैभव सियाग ने ऑपरेटर से अभद्र भाषा और गुस्से में व्यवहार किया. वीडियो वायरल होने पर एसएन मेडिकल कॉलेज ने उन्हें तत्काल निलंबित कर जांच समिति गठित की.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
जोधपुर के एमडीएम अस्पताल कैंटीन में चाय पर बवाल, जूनियर डॉक्टर ने की गाली-गलौज, वीडियो वायरल होने के बाद हुआ सस्पेंड
Courtesy: social media

जोधपुर: पश्चिमी राजस्थान के सबसे बड़े अस्पताल एमडीएम में एक जूनियर डॉक्टर का व्यवहार अब सुर्खियों में है. रविवार देर रात अस्पताल परिसर की कैंटीन में चाय को लेकर हुई छोटी-सी बात बहस में बदल गई और जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर वैभव सियाग ने कैंटीन ऑपरेटर से बुरी तरह गाली-गलौज की.

यह पूरा वाकया किसी ने मोबाइल में कैद कर लिया और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. एसएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने वीडियो देखते ही तुरंत कार्रवाई करते हुए डॉक्टर को निलंबित कर दिया और जांच शुरू कर दी है. प्राचार्य डॉ. बीएस जोधा ने कहा कि डॉक्टर से ऐसी हरकत बर्दाश्त नहीं की जा सकती.

कैंटीन में क्या विवाद हुआ

सूत्रों के मुताबिक वीडियो दो दिन पुराना है. डॉक्टर ने कैंटीन में चाय की गुणवत्ता पर आपत्ति जताई तो बात बढ़ गई. गुस्से में आए डॉक्टर वैभव सियाग ने ऑपरेटर पर बार-बार चिल्लाना शुरू किया और गाली-गलौज की. वीडियो में उनकी आक्रामक भाषा और व्यवहार साफ दिख रहा है. इस घटना के बाद एक और वीडियो सामने आया जिसमें डॉक्टर पुलिस के बारे में भी अभद्र टिप्पणी करते नजर आए. 

प्रशासन की त्वरित कार्रवाई

वीडियो वायरल होते ही एसएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया. प्राचार्य डॉ. बीएस जोधा ने पुष्टि की कि आरोपी डॉक्टर वैभव सियाग कमला नेहरू चेस्ट हॉस्पिटल में अस्थायी अनुबंध पर जूनियर रेजिडेंट थे. उन्होंने कहा कि वीडियो में दिखा व्यवहार किसी भी चिकित्सक के लिए शोभनीय नहीं है. डॉक्टर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और जांच समिति गठित की गई है. 

यहां देखें वीडियो

जांच समिति और आगे की कार्रवाई

प्राचार्य ने बताया कि जांच समिति को जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं. रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी. डॉक्टर से लिखित स्पष्टीकरण भी मांगा गया है. कॉलेज प्रशासन का साफ कहना है कि मेडिकल पेशे की गरिमा बनाए रखना हर डॉक्टर की जिम्मेदारी है और ऐसी घटनाओं को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. 

डॉक्टरों से अपेक्षित आचरण पर सवाल

यह घटना चिकित्सा क्षेत्र में पेशेवर आचरण को लेकर फिर सवाल खड़े कर रही है. अस्पताल परिसर में मरीजों और स्टाफ के साथ विनम्र व्यवहार डॉक्टरों की पहचान होना चाहिए. वायरल वीडियो ने न सिर्फ कॉलेज प्रशासन को जागृत किया बल्कि सोशल मीडिया पर भी व्यापक बहस छेड़ दी है. जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले का अंतिम फैसला आएगा.