रेलवे की चादर ओढ़कर बाजार में घूमते दिखे लोग, वीडियो वायरल होने पर मचा बवाल

पश्चिमी रेलवे लिखी चादरों को शॉल की तरह इस्तेमाल करते तीन लोगों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. वीडियो के साथ रेलवे के बेडरोल सामान की कथित चोरी के आंकड़े भी शेयर किए गए.

@shivam_travels6311 Instagram Account
Km Jaya

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें तीन लोग कथित तौर पर भारतीय रेलवे की चादरों को शॉल की तरह ओढ़े नजर आ रहे हैं. चादरों पर Western Railway लिखा दिखाई दे रहा है. वीडियो सामने आने के बाद रेलवे की संपत्ति के कथित दुरुपयोग और चोरी को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड गई है.

यह वीडियो Gems of Railway नाम के X अकाउंट से शेयर किया गया. पोस्ट में दावा किया गया कि चादरें Western Railway की ट्रेन से चोरी की गई थीं. हालांकि, वीडियो से यह स्वतंत्र रूप से साबित नहीं होता कि चादरें वास्तव में ट्रेन से ही चोरी हुई थीं.


पोस्ट में और क्या कहा गया?

पोस्ट में RTI से जुड़े आंकड़ों का भी हवाला दिया गया है. इसके मुताबिक जनवरी 2022 से मई 2026 के बीच रेलवे के अलग अलग डिवीजन में 1.27 करोड़ से अधिक बेडरोल से जुड़े सामान के चोरी होने की जानकारी सामने आई. इनमें करीब 46.54 लाख फेस टॉवल, 41.13 लाख चादरें, 23.59 लाख तकिए के कवर, 12.95 लाख कंबल और 2.76 लाख तकिए शामिल बताए गए हैं.

इन आंकड़ों के अनुसार, चोरी हुए सामान की कुल कीमत 104.51 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है. इस दावे ने रेलवे की संपत्ति की सुरक्षा और यात्रियों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं.

कैसा रही लोगों की प्रतिक्रियाएं?

वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स की अलग अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं. कुछ लोगों ने रेलवे की संपत्ति को निजी इस्तेमाल में लाने के आरोप पर कड़ी कार्रवाई की मांग की. एक यूजर ने ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त सजा की बात कही, जबकि दूसरे यूजर ने लोगों को सार्वजनिक रूप से रिकॉर्ड कर उन्हें ऑनलाइन परेशान करने पर सवाल उठाया.

कुछ लोगों ने यह भी कहा कि सिर्फ चादर इस्तेमाल करते नजर आ रहे लोगों पर सवाल उठाने के बजाय रेलवे की सप्लाई व्यवस्था की भी जांच होनी चाहिए. एक यूजर ने सुझाव दिया कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि रेलवे का सामान ट्रेनों और रेलवे परिसर से बाहर कैसे पहुंच रहा है.

कई यूजर्स ने रेलवे के लिनेन पर बड़े और स्पष्ट अक्षरों में रेलवे की संपत्ति होने की जानकारी लिखने का सुझाव भी दिया ताकि ऐसे सामान की पहचान आसानी से हो सके.