जम्मू में कश्मीरी पंडितों को फिर धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट; बड़े नेटवर्क की तलाश तेज

जम्मू में कश्मीरी पंडितों को कथित तौर पर निशाना बनाने वाला नया धमकी भरा पत्र सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं. पत्र में कई लोगों के नाम और उनके घरों से जुड़ी जानकारी होने का दावा किया गया है. एजेंसियां अब इसके स्रोत और संभावित आतंकी कनेक्शन की जांच में जुटी हैं.

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Shanu Sharma

जम्मू में कश्मीरी पंडितों को कथित तौर पर धमकाने वाला एक नया पत्र सामने आने से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है. बताया जा रहा है कि पत्र में करीब आधा दर्जन कश्मीरी पंडितों के नाम दर्ज हैं. साथ ही उनके जम्मू स्थित घरों की पहचान से जुड़ी जानकारी भी दी गई है.

पत्र में संबंधित लोगों को कथित तौर पर देश विरोधी गतिविधियों से जोड़ते हुए गंभीर आरोप लगाए गए हैं. संदेश में उन्हें 'व्हाइट कॉलर आतंकवादी' और 'गद्दार' जैसे शब्दों से संबोधित किया गया है. हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां अभी इस पत्र की प्रामाणिकता और इसके पीछे मौजूद लोगों की पहचान की पुष्टि नहीं कर पाई हैं.

'यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल' के नाम से आया संदेश

सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, यह धमकी 'यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल' नाम के संगठन के नाम से सामने आई है. जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह किसी आतंकी संगठन का मुखौटा हो सकता है. हालांकि, अभी तक इस आशंका की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. जांचकर्ता पत्र की भाषा, उसमें इस्तेमाल किए गए शब्दों और धमकी देने के तरीके का बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि संदेश तैयार करने और फैलाने के पीछे कौन लोग हैं.


Kashmiri Pandit

यह इस तरह की पहली धमकी नहीं है. पिछले कुछ समय में कश्मीरी पंडितों के अलावा गैर स्थानीय लोगों को भी धमकी दिए जाने वाले संदेश सामने आ चुके हैं. इनमें खास तौर पर दक्षिण कश्मीर में रहने या काम करने वाले लोगों का जिक्र किया गया था. लगातार सामने आ रहे ऐसे संदेशों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. जांच में यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि सभी पत्रों के पीछे एक ही समूह है या अलग-अलग लोग इनका इस्तेमाल कर रहे हैं.

घाटी लौटे कर्मचारियों को डराने की कोशिश?

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब प्रधानमंत्री रोजगार पैकेज के तहत बड़ी संख्या में कश्मीरी पंडित कर्मचारी घाटी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. सुरक्षा एजेंसियां इस पहलू की भी जांच कर रही हैं कि कहीं इन धमकियों का उद्देश्य घाटी में दोबारा काम शुरू करने वाले कर्मचारियों के बीच भय का माहौल पैदा करना तो नहीं है.

कम समय में कई धमकी भरे संदेश सामने आने के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियां अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं. अधिकारी पत्रों के बीच संभावित संबंधों की जांच के साथ उनके स्रोत का पता लगाने में जुटे हैं. फिलहाल जांच का मुख्य फोकस धमकी की वास्तविकता, संदेश भेजने वालों की पहचान और संभावित आतंकी नेटवर्क से इसके संबंध का पता लगाना है. अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.