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'आम का जूस है या जहर...', पैकेजिंग देखकर ही पीट लेंगे सिर, कर लेंगे पैक्ड फूड से तौबा, देखें वीडियो

पैक्ड फूड का क्रेज, आपकी सेहत के साथ गंभीर खिलवाड़ है. अगर आप भी डिब्बाबंद फूड प्रोडक्ट्स में भरोसा करते हैं तो इस वीडियो को देखकर आपकी आंखें खुल जाएंगी. अगर यकीन नहीं हो रहा है तो यह वीडियो खुद देख लें और समझ लें कि आपका क्रेज, आपकी सेहत के लिए कितना नुकसानदेह साबित हो सकता है.

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'आम का जूस है या जहर...', पैकेजिंग देखकर ही पीट लेंगे सिर, कर लेंगे पैक्ड फूड से तौबा, देखें वीडियो
Courtesy: Instagram

आम का सीजन हो और हिंदुस्तानी आम का जूस न लें, ऐसा तो होने से रहा. आम का सीजन बीतने के बाद भी लोग तमाम मैंगो जूस प्रोडक्ट्स, महज आम की वजह से ही खरीदते हैं. इनका प्रचार-प्रसार भी एक से बढ़कर एक दिग्गज हस्तियां करती हैं, विज्ञापनों पर करोड़ों खर्च होते हैं, महंगी टैगलाइन लिखी जाती है लेकिन क्या पता है कि कुछ प्रोडक्ट्स के बनने का तरीका इतना वाहियात है, जिसे देखकर आपको घिन आ जाए.

गर्मी के दिनों में लोग ठंड की तलाश में ऐसे पैक्ड जूस को जमकर खरीदते हैं. कभी सोचा है कि क्या सच में ऐसे प्रोडक्स्ट में आम का 'अ' भी होता है या नहीं. इंस्टाग्राम पर एक क्रिएटर ने ऐसा वीडियो डाला है, जिसके बाद से पैक्ड जूस को लेकर आपका भरोसा डगमगा जाएगा. वायरल वीडियो आखिर है ही ऐसा.

वीडियो में आखिर ऐसा क्या है?

वीडियो एक जूस प्रोसेसिंग प्लांट का है. वीडियो में एक मशीन में लाल और नारंगी रंग के फूड कलर डाले गए हैं. इसमें चीनी की चाशनी और कुछ केमिकल डाले गए हैं. पीले रंग का भी कुछ प्रोडक्ट डाला गया है. इसकी तेजी से मिक्सिंग की जाती है और इन्हें प्लास्टिक पेपर पैकेट की बोतलों में भर दिया जाता है. पैक्ड फूड की प्रॉसेसिंग होती है और इन्हीं कागज के बड़े डिब्बों में पैक कर दिया जाता है. 

इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर ने वीडियो के कैप्शन में लिखा है, '....पैक मैंगो जूस.' जैसे ही यह वीडियो पोस्ट किया गया, सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया. लाखों लोग इस वीडियो को देख चुके हैं. 

सोशल मीडिया पर क्या लिख रहे हैं लोग?

सोशल मीडिया यूजर्स इस वीडियो पर पैक्ड फूड खाने वालों को जमकर ट्रोल कर रहे हैं. एक यूजर ने लिखा कि अगर ये ऐसे बनता है तो मैं नहीं खाने वाला. एक यूजर ने लिखा, 'और ये दावा करते हैं कि 200 प्रतिशत असली फलों का रस है.' एक यूजर ने लिखा कि मैं नल का पाननी, व्हिस्की, स्पार्कलिंग वाइन पीता हूं. भगवान सोशल मीडिया का भला करें, इससे ज्यादा कुछ डरावनी चीज मैंने नहीं देखी.

एक यूजर ने लिखा कि सब ठीक है लेकिन आम का गूदा इसमें कहां है. एक यूजर ने कहा कि यह तो धीमा धर है, सरकार रोकती क्यों नहीं. एक यूजर ने लिखा कि हमेशा घर के बने फूड प्रोडक्ट्स खाने चाहिए.