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यीशु से मिलवाने के नाम 400 अुनयायियों की हत्या करने वाले पादरी पर बड़ा खुलासा, जेल में रहकर 52 लोगों को फिर मार डाला!

केन्या के सामूहिक मौत मामले में पंथ नेता पॉल मैकेंजी पर 52 और लोगों की मौत के नए आरोप लगे हैं. जांच में खुलासा हुआ है कि वह जेल से भी अपने अनुयायियों को बहकाता रहा.

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नई दिल्ली: केन्या के चर्चित शाकहोला जंगल कांड ने एक बार फिर देश को झकझोर दिया है. सैकड़ों लोगों को उपवास के नाम पर मौत के मुंह में धकेलने वाले पंथ नेता पॉल मैकेंजी पर अब 52 और मौतों के आरोप तय किए गए हैं. अभियोजन पक्ष का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद भी मैकेंजी का नेटवर्क सक्रिय रहा और उसने जेल से ही नए शिकार फंसाए.

केन्या के किलिफी काउंटी स्थित बिनजारो इलाके में मिले कब्रिस्तान ने जांच एजेंसियों को चौंका दिया है. यहां से 52 शव बरामद किए गए हैं. अधिकारियों के मुताबिक, ये मौतें उसी कट्टर धार्मिक विचारधारा का नतीजा हैं, जिसने पहले शाकहोला जंगल में सैकड़ों लोगों की जान ली थी.

जेल से चल रहा था षड्यंत्र

अभियोजन पक्ष का दावा है कि पॉल मैकेंजी ने जेल में रहते हुए भी अपने अनुयायियों से संपर्क बनाए रखा. जांच में उसकी कोठरी से हाथ से लिखे नोट मिले हैं, जिनमें मोबाइल लेनदेन और निर्देश दर्ज थे. आरोप है कि इन्हीं संदेशों के जरिए लोगों को आत्मघाती उपवास के लिए उकसाया गया.

गृह मंत्रालय ने क्या बताया?

केन्या के गृह मंत्रालय के अनुसार, मैकेंजी ने हथियारबंद लोगों को भी तैनात किया था. जो अनुयायी उपवास छोड़ना चाहते थे या मरने में देर कर रहे थे, उन्हें जबरन मार दिया गया. इस पंथ में बच्चों को सबसे पहले भूखा मरने का आदेश दिया जाता था.

2023 का भयावह खुलासा

साल 2023 में शखोला जंगल से 429 शव मिलने के बाद यह मामला दुनिया भर में सुर्खियों में आया था. इनमें बड़ी संख्या में बच्चे शामिल थे. मैकेंजी ने यीशु से मिलाने का दावा करते हुए लोगों को खाना छोड़ने के लिए मजबूर किया.

सह-आरोपियों पर भी कार्रवाई

इस मामले में मैकेंजी अकेला नहीं है. उसके सुरक्षा प्रमुख एनोस अमन्या नगाला ने हाल ही में 191 बच्चों की मौत से जुड़े आरोप स्वीकार किए हैं. जांच एजेंसियों का मानना है कि यह पंथ संगठित तरीके से काम कर रहा था और इसके नेटवर्क की परतें अब भी खुल रही हैं.

कैसे धार्मिक प्रचारक बना पॉल मैकेंजी?

पॉल मैकेंजी की कहानी एक साधारण टैक्सी चालक से शुरू होकर एक प्रभावशाली धार्मिक प्रचारक बनने तक पहुंची. करीब बीस साल तक वह खुद को ईसाई उपदेशक बताकर लोगों का मार्गदर्शन करता रहा. एक रिपोर्ट के अनुसार, केन्या जैसे देशों में कई इवेंजेलिकल चर्च रोमन कैथोलिक या एंग्लिकन चर्चों की तरह किसी सख्त व्यवस्था या नियंत्रण में नहीं होते.

'अनुयायियों का संपूर्ण रूप से मार्गदर्शन करना'

इन चर्चों को अक्सर स्वतंत्र प्रचारक चलाते हैं, जिन पर किसी भी संस्था की निगरानी नहीं होती है. इसी माहौल में पॉल मैकेंजी ने अपने प्रभाव को बढ़ाया. उसकी एक ब्लॉगस्पॉट वेबसाइट पर लिखा गया था कि ‘गुड न्यूज इंटरनेशनल’ की स्थापना का उद्देश्य ईसाई विश्वास से जुड़े हर पहलू में अनुयायियों का संपूर्ण रूप से मार्गदर्शन करना है.