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करीब 3 महीने बाद लौटा टाइगर तो छलके मालिक के आंसू! 60 किमी पैदल चलकर पूरी की मन्नत

गुजरात में साढ़े तीन महीने से लापता लैब्राडोर टाइगर के वापस लौटने के बाद मालिक ने अपनी मन्नत पूरी की. उन्होंने स्टाफ और टाइगर के साथ 60 किलोमीटर पैदल चलकर अंबाजी मंदिर पहुंचकर आभार जताया.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
करीब 3 महीने बाद लौटा टाइगर तो छलके मालिक के आंसू! 60 किमी पैदल चलकर पूरी की मन्नत
Courtesy: Social Media

गुजरात के बनासकांठा जिले से मालिक और पालतू जानवर के बीच भरोसे और प्यार की एक भावुक कहानी सामने आई है. टाइगर नाम का लैब्राडोग रिट्रीवर करीब साढ़े तीन महीने तक लापता रहने के बाद अचानक अपने मालिक के होटल लौट आया. इस खुशी में मालिक ने देवी अंबाजी से किया अपना वादा पूरा करने का फैसला लिया. उन्होंने अपने कर्मचारियों और टाइगर के साथ 60 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर मंदिर पहुंचकर आस्था और आभार जताया. अब सोशल मीडिया पर इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है.  

तीन महीने बाद हुई टाइगर की वापसी

टाइगर के गायब होने के बाद उसके मालिक ने काफी समय तक उसकी तलाश की. आसपास के इलाकों में खोजबीन के बावजूद जब कोई जानकारी नहीं मिली तब भी उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी. उन्होंने अंबाजी मंदिर में प्रार्थना कर मन्नत मांगी कि अगर उनका पेट सुरक्षित वापस लौट आया तो वह पैदल यात्रा कर मंदिर जाएंगे.

मालिक की आवाज सुनकर दौड़ा टाइगर

कुछ समय बाद टाइगर अचानक अपने पुराने ठिकाने यानी होटल पहुंच गया. बताया जा रहा है कि उसने अपने मालिक की आवाज पहचान ली. एक गुजरते हुए रिक्शे से उतरकर वह सीधे मालिक के पास पहुंचा. लंबे इंतजार के बाद हुई इस मुलाकात ने परिवार को इमोशनल कर दिया और सभी की आंखों में खुशी के आंसू आ गए.

मन्नत पूरी करने निकली पैदल यात्रा

टाइगर के लौटने के बाद होटल मालिक ने अपना वादा निभाने का फैसला किया. वह अपने होटल स्टाफ और टाइगर के साथ अंबाजी मंदिर के लिए पैदल यात्रा पर निकल पड़े. करीब 60 किलोमीटर की इस यात्रा को उन्होंने अपने पालतू के सुरक्षित लौटने के लिए धन्यवाद के रूप में पूरा किया.

टाइगर बना यात्रा का आकर्षण

इस यात्रा के दौरान टाइगर लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहा. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में पूरा समूह उत्साह के साथ मंदिर की ओर बढ़ता दिखाई दिया. यात्रा के दौरान संगीत पर लोग नाचते हुए भी नजर आए, जिससे यह धार्मिक यात्रा एक खुशी भरे उत्सव में बदल गई.