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'मैनेजर है मैनेजर बनकर रह...', Gen Z लड़की ने बॉस को लास्ट मिनट में लीव कैंसल करने पर दिया धमाकेदार जवाब, वीडियो वायरल

जनरेशन Z कर्मचारी सिमरन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. उसने बताया कि हफ्तों पहले वियतनाम ट्रिप की लीव मैनेजर को बताई थी, कोई आपत्ति नहीं आई.

GROK
Reepu Kumari

नई दिल्ली: आजकल ऑफिस और पर्सनल लाइफ के बीच की लड़ाई हर कोई जी रहा है, लेकिन Gen Z  अब इसे खुलकर बता रही है. सिमरन नाम की एक युवा कर्मचारी का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर छाया हुआ है. उसने अपनी लीव की कहानी शेयर की, जो हफ्तों पहले अप्रूव हो चुकी थी. ट्रिप के लिए एयरपोर्ट पहुंचकर बोर्डिंग की तैयारी कर रही थी, तभी बॉस का मैसेज आया-लीव कैंसल, ऑफिस आओ. सिमरन का जवाब सीधा और बेबाक था-'मुझे फर्क नहीं पड़ता'. यह वीडियो न सिर्फ वायरल हुआ, बल्कि लाखों लोगों के दिल की बात बोल गया. वर्क-लाइफ बैलेंस पर नई बहस शुरू हो गई है. 

क्या हुआ था सिमरन के साथ

सिमरन ने वीडियो में बताया कि उसने वियतनाम ट्रिप के लिए कई हफ्ते पहले मैनेजर को सूचित किया था. कोई विरोध नहीं हुआ, सब कुछ ठीक लग रहा था. लेकिन ट्रिप के दिन एयरपोर्ट पर पहुंचकर जब वह फ्लाइट में चढ़ने वाली थी, तभी ग्रुप चैट में मैनेजर का मैसेज आया. कहा गया कि अर्जेंट डिप्लॉयमेंट की वजह से लीव कैंसल है, तुरंत ऑफिस लौटो. सिमरन को गुस्सा आया, क्योंकि यह आखिरी पल का फैसला था. उसने इसे कम्युनिकेशन की कमी और पर्सनल टाइम की अनदेखी बताया.

सिमरन का बेबाक जवाब हो रहा वायरल  

वीडियो में सिमरन ने साफ कहा कि इमरजेंसी तो आ सकती हैं, लेकिन बार-बार पर्सनल प्लान्स को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. उसने जोर दिया कि वह काम जीवन जीने के लिए करती है, न कि हमेशा उपलब्ध रहने के लिए. 'मुझे फर्क नहीं पड़ता अगर मैं निकाल दी जाती हूं'– यह लाइन वीडियो का हाइलाइट बन गई. उसका यह स्टैंड Gen Z  की सोच को दिखाता है, जो बॉर्डर्स सेट करने में यकीन रखती है. कई लोग इसे देखकर तारीफ कर रहे हैं.

सोशल मीडिया पर मिली मिक्स्ड रिएक्शन

वीडियो वायरल होते ही कमेंट्स की बाढ़ आ गई. ज्यादातर यूजर्स ने सिमरन का साथ दिया. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को पर्सनल लाइफ के लिए हक है, बॉस को बैकअप रखना चाहिए. लेकिन कुछ ने सवाल उठाया कि क्या लीव ऑफिशियली अप्रूव हुई थी? अगर नहीं तो ट्रैवल करने की जिम्मेदारी कर्मचारी की है. एक यूजर ने लिखा -'लीव रिजेक्ट होने पर कन्फर्म करना चाहिए था'. दूसरों ने कहा कि अगर सिस्टम में अप्लाई किया और रिजेक्शन नहीं आया, तो मैनेजर को प्लान करना चाहिए था. 

वर्क-लाइफ बैलेंस पर बढ़ती बहस

यह मामला आज के वर्क कल्चर की सच्चाई बयां करता है. Gen Z  अब ओवरटाइम और लास्ट-मिनट डिमांड्स को बर्दाश्त नहीं कर रही. वे कहते हैं कि काम जरूरी है, लेकिन जीवन और ज्यादा. सिमरन का वीडियो इसी सोच का प्रतीक बन गया है. कंपनियों को अब कर्मचारियों की पर्सनल कमिटमेंट्स का सम्मान करना होगा. अगर इमरजेंसी है तो पहले से प्लानिंग और कम्युनिकेशन बेहतर होना चाहिए. यह बहस आगे भी जारी रहेगी, क्योंकि युवा अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं.