Assembly Election 2026 West Bengal Assembly Election 2026

'तेरा बाबू मर गया, उसमें प्राण प्रतिष्ठा क्यों नहीं कर दी...', ये क्या बोल गए किसान नेता युद्धवीर सिंह?

Yudhvir Singh: पिछले साल हुई एक सभा का एक वीडियो अब वायरल हो रहा है. इस वीडियो में किसान नेता युद्धवीर सिंह जाटों को समझा रहे हैं कि पंडित उनको बेवकूफ बना रहे हैं. उन्होंने मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा और पंडितों पर सवाल उठाते हुए कहा था कि अगर इससे कुछ होता है तो तेरा बाप मर गया उसमें क्यों नहीं की प्राण प्रतिष्ठा? इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा था कि पहले जाटों के गांव में मंदिर और उसमें पंडित नहीं हुआ करते थे.

Social Media
India Daily Live

किसान नेता चौधरी युद्धवीर सिंह का एक बयान अचानक से चर्चा में आ गया है. पिछले साल का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसको लेकर उनकी आलोचना हो रही है. मार्च 2023 में जयपुर में आयोजित हुए जाट महाकुंभ के इस वीडियो में युद्धवीर सिंह ने मंदिरों में की जाने वाली प्राण प्रतिष्ठा पर सवाल उठाए थे. इस वीडियो में युद्धवीर सिंह कह रहे हैं कि अगर प्राण प्रतिष्ठा से कुछ होता है तो भाई तेरा बाबू मर गया, रिश्तेदार मर गए उनमें क्यों नहीं कर दी प्राण प्रतिष्ठा? उन्होंने कहा कि पहले तो जाटों के यहां मंदिर ही नहीं होते थे.

युद्धवीर सिंह ने कहा, 'हमारे बाप-दादा का राम उनके साथ रहता था, उनकी जेब में रहता था निकालकर अपने से मिल लेते थे. आज हम राम को ढूंढने के लिए मंदिर में जाते हैं. पंडित जी कहता है कि इसमें पानी चढ़ा दे. भाई पत्थर की मूर्ति है ये तो वहां मकराना में बनती है, एक कारीगर ने बनाई थी तो कहता है कि भाई इसमें मैंने प्राण प्रतिष्ठा कर दी. भाई तेरा बाबू मर गया तूने उसकी प्राण प्रतिष्ठा क्यों नहीं करी? अपनी मां की क्यों नहीं करी? अपने रिश्तेदारों की क्यों नहीं करी?'

'जाटों के गांव में नहीं होते थे मंदिर'

उन्होंने आगे कहा, 'वो हमको बेवकूफ बनाता था. आज से 50 साल पहले किसी जाट के गांव में मंदिर नहीं होता था. शिवाले होते थे, जोहड़ के किनारे, औरतें थोड़ा सा दूध लेकर लोटे में पानी मिलाकर जाकर चढ़ा देती थीं. वहां कोई पंडित नहीं होता था. कोई ढोंग और पाखंड नहीं होता था. आज हमारे बच्चों को पता ही नहीं है. हमारे बच्चे हरिद्वार जा रहे हैं और नंगे पैर कांवड़ उठाकर ला रहे हैं. अरे तेरे खेत में कांवड़ है, तेरे खेत में गंगा.'

युद्धवीर सिंह ने एक किस्सा सुनाते हुए कहा, 'एक चौधरी हर की पैड़ी पर रोहतक की तरफ मुंह करके पानी दे रहा था. भीड़ इकट्ठी हो गई. भीड़ ने देखा बूढ़ा पागल हो गए. भीड़ जुट गई तो वह रुक गई. लोगों ने पूछा कि चौधरी साहब क्या बात हो गई? तो चौधरी ने कहा कि मेरे गेहूं हैं उनमें पानी दे रहा हूं. लोगों ने पूछा खेत कहां है तो बोला रोहतक में हैं. फिर लोगों ने कहा कि चौधरी पागल हो गया कि 250 किलोमीटर पानी जाएगा. इस पर चौधरी ने कहा कि ये सूरज करोड़ों किलोमीटर दूर है, इस ब्राह्मण का पानी उड़ा जा रहा है तो मेरा रोहतक जाने में क्या दिक्कत है?'

इस वीडियो में वह जाटों को कर्म प्रधान कौम बता रहे हैं और ढोंग-पाखंड से दूर रहने की अपील भी करते दिख रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस कौम ने हमेशा मेहनत का खाया और कभी किसी का बुरा नहीं चाहा, हमेशा सबको साथ लेकर चले.