बिहार के भागलपुर में 150 कौवों की मौत से मचा हड़कंप, बढ़ा बर्ड फ्लू का खतरा; अलर्ट जारी
भागलपुर के नवगछिया में 150 से ज्यादा कौवों की मौत के बाद बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है. प्रशासन ने 10 किलोमीटर के दायरे में सैनिटाइजेशन और पोल्ट्री फार्म की जांच शुरू कर दी है. लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है.
भागलपुर: बिहार के भागलपुर जिले के नवगछिया सब-डिवीजन में 150 से ज्यादा कौवों के मृत पाए जाने के बाद बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है, जिसके बाद जिला प्रशासन ने इमरजेंसी कदम उठाए हैं. 11 जनवरी को सुबह की सैर पर निकले लोगों ने सब-डिवीजन कॉम्प्लेक्स के अंदर एक पेड़ के नीचे बड़ी संख्या में मृत कौवे पड़े देखे.
जिसके बाद इलाके में दहशत फैल गई. कई दूसरे पक्षी भी परेशान हालत में देखे गए. अचानक हुई इन मौतों से स्थानीय लोगों में एवियन इन्फ्लूएंजा फैलने का डर पैदा हो गया. घटना के बाद वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और मृत पक्षियों को सुरक्षित रूप से हटा दिया. इसके बाद वन और पशुपालन विभागों की एक संयुक्त टीम ने लैब टेस्टिंग के लिए सैंपल इकट्ठा किए. सीरम सैंपल पुष्टि के लिए पटना और भोपाल की हाई-लेवल लैब में भेजे गए.
लैब की टेस्ट रिपोर्ट में क्या आया सामने?
जिला पशुपालन अधिकारी अंजली कुमारी ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की कि दोनों लैब की टेस्ट रिपोर्ट में बर्ड फ्लू वायरस पाया गया है. भोपाल की रिपोर्ट में इन्फेक्शन की पुष्टि होने के बाद, जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है. अब प्रभावित इलाके के 10 किलोमीटर के दायरे में सैनिटाइजेशन अभियान शुरू किया गया है.
अधिकारी आसपास के पोल्ट्री फार्म से भी सैंपल इकट्ठा कर रहे हैं ताकि घरेलू पक्षियों में किसी भी संभावित फैलाव को रोका जा सके. पूरे सब-डिवीजन में निगरानी और मॉनिटरिंग बढ़ा दी गई है.
प्रशासन ने क्या कहा?
प्रशासन ने कहा है कि स्थिति नियंत्रण में है लेकिन एहतियाती कदम गंभीरता से उठाए जा रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग पोल्ट्री और सार्वजनिक स्वास्थ्य दोनों स्थितियों पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं.
जिला पशुपालन अधिकारी ने क्या बताया?
भागलपुर की जिला पशुपालन अधिकारी डॉ. अंजली कुमारी सिन्हा ने कहा, 'कौवे 11 जनवरी को मरे थे और उस समय बहुत ठंड थी, इसलिए ऐसा लगा कि वे ठंड से मरे हैं. हालांकि हमने टेस्टिंग के लिए सैंपल भेजे और भारत सरकार ने पुष्टि की है कि कौवे बर्ड फ्लू से मरे हैं.' उन्होंने आगे कहा कि अभी हम प्रभावित इलाकों को सैनिटाइज कर रहे हैं. हमने 11 तारीख को भी इलाके को सैनिटाइज किया था. इसके अलावा, इस इलाके के सभी पोल्ट्री फार्मों पर जीरो सर्विलांस किया जाएगा और सैंपल दोबारा टेस्टिंग के लिए भेजे जाएंगे.
अधिकारियों ने निवासियों से घबराने के बजाय बीमार या मरे हुए पक्षियों के संपर्क से बचने और पक्षियों की असामान्य मौतों की तुरंत रिपोर्ट करने का आग्रह किया है. रोकथाम और बचाव के कदम जारी रहने के कारण जिला हाई अलर्ट पर है.
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