Inland Taipan: दुनिया में सांपों की हजारों प्रजातियां पाई जाती है. अगर नेशनल ज्योग्राफिक की मानें तो विश्व भर में सांपों की 3,000 से अधिक प्रजातियां पाई जाती है. अलग-अलग प्रजातियों में पाए जाने वाले सांपों की अलग-अलग खासियत होती है. कोई सांप बहुत जहरीला होता है तो कोई देखने में जहरीला लगता है. कोई रंग बदलने वाला सांप होता है. आज के लेख में उसी रंग बदलने वाले सांप की बात करेंगे जिसके सामने कोबरा भी फुस्स हो जाता है.
दुनिया में पाई जाने वाली 3 हजार सांपों की प्रजातियों में से 600 सांप जहरीले सांपों की कैटेगरी में आते हैं. इनमें से 7 परसेंट सांप एकदम जहरीले कैटेगरी में आते हैं. इन्हीं में एक सांप ऐसा भी है जो अपना रंग बदलता है.
सबसे जहरीली कैटेगरी में एक सांप इनलैंड ताइपेन नाम का है. ये इतना जहरीला है कि एक बार किसी इंसान को काट ले तो समझ लिजिए उसका काम तमाम हो जाए. वैज्ञानिक भाषा में इस सांप को ऑक्सीयूरेनस माइक्रोलेपिडोटस नाम से जानते हैं.
इसे दुनिया के सबसे विषैले सांप की कैटेगरी में रखा जाता है. इतना ही नहीं यह सांप अपना रंग बदलने में भी माहिर है. इसका रंग हल्के भूरे से लेकर पीला रंग तक हो सकता है. यानी यह अपने रंग को भूरे से पीले में बदल सकता है.
इनलैंड ताइपेन सांप से जो जहर निकलता है उसे एलडी50 श्रेणी में रखा जाता है. यह सबसे खतरनाक श्रेणी को दर्शाता है. इसके भीतर से निकले जहर से एक साथ अगर 100 लोगों को दिया जाए तो सौवों की मौके पर मौत हो सकती है.
इनलैंड ताइपेन सांप का आमतौर पर मनुष्यों से पाला नहीं पड़ता है. कोबरा भी इस सांप के आगे फुस्स नजर आते हैं. 3 कोबरा सांप को ले लिया जाए और एक इनलैंड ताइपेन को. यानी तीन कोबरा के बाराबर इनलैंड ताइपेन एक अकेला होता है.
इनलैंड ताइपेन अधिकतर सुबह ज्यादा एक्टिव रहते हैं. मौसम के हिसाब से ये अपने रंग को बदलते रहते हैं. इन सांपों की औसत लंबाई लगभग 6.5 फीट होती है. फुर्ती में यह बाकी सांपों को मात देता है.
अगर यह किसी इंसान को काट ले तो अधिकतम 45 मिनट के भीतर उस इंसान की मौत हो सकती है. विज्ञान के अनुसार इन सांपों की लाइफ 10 से 15 साल होती है.