शंघाई के जूनियर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ने वाली झू शुहान ने बिना प्रोग्रामिंग जाने AI की मदद से अपना ऐप तैयार किया. हांगझोउ में हुई नेशनल कॉम्पिटिशन में उनके प्रोडक्ट ने तीन दिन में 18,000 युआन की बिक्री की. उन्हें तीसरे स्थान के साथ 5,000 युआन का पुरस्कार भी मिला. शुहान का ऐप बच्चों के पढ़ाई के दौरान ध्यान भटकने पर वर्चुअल पैरेंट के जरिए उन्हें वापस पढ़ाई की ओर लाता है और बाद में कंसंट्रेशन रिपोर्ट बनाता है.
21 से 23 अगस्त तक हांगझोउ में हुए कॉम्पिटिशन में 50 से ज्यादा प्रतिभागी शामिल हुए. यहां तकनीकी क्षमता के बजाय तीन दिनों की बिक्री को प्रदर्शन का आधार बनाया गया. शुहान के ऐप 'जाई चांग' को 90 ऑर्डर मिले. इससे 18,000 युआन की बिक्री हुई और वह तीसरे स्थान पर रहीं. प्रतियोगिता से उन्हें 5,000 युआन का पुरस्कार भी मिला.
ऐप में माता पिता अपनी तस्वीर अपलोड करते हैं, जिसके आधार पर वर्चुअल पैरेंट तैयार होता है. बच्चा पढ़ाई छोड़कर मोबाइल चलाए या सीट से उठे तो यह डिजिटल अभिभावक आवाज के जरिए उसे ध्यान लगाने की याद दिलाता है. होमवर्क पूरा होने के बाद ऐप कंसंट्रेशन रिपोर्ट तैयार करता है. इससे माता पिता बच्चे की पढ़ाई के दौरान एकाग्रता का अंदाजा लगा सकते हैं.
शुहान ने बताया कि उसके माता पिता व्यस्त रहते थे, इसलिए वे हमेशा उसके साथ बैठकर पढ़ाई नहीं करा पाते थे. इस दौरान उसका ध्यान भटकता और वह मोबाइल चलाने लगती थी. उसके दोस्तों के साथ भी ऐसी समस्या थी. इसी अनुभव से उसे डिजिटल पैरेंट बनाने का विचार आया. वह ऐसा क्लोन चाहती थी, जो बच्चों को डांटने के बजाय पढ़ाई पर लौटने की याद दिलाए.
शुहान को प्रोग्रामिंग नहीं आती थी, लेकिन उसने अपने विचार को LLM के सामने सामान्य भाषा में रखा. AI की मदद से उसने कोड तैयार किया और डिजाइन तथा जरूरी फीचर्स विकसित किए. पूरा काम तीन से चार दिनों में हुआ. उसने ऐप से 'मां का गुस्सा होना' वाला फीचर भी हटा दिया, क्योंकि वह बच्चों के साथ नरम व्यवहार चाहती थी. उसका छोटा भाई इसका शुरुआती यूजर है और अब वह इसे कम कीमत में ज्यादा लोगों तक पहुंचाना चाहती है.