भारतीय क्रिकेट में बदलाव के दौर के बीच चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर के भविष्य पर जल्द फैसला हो सकता है. उनका मौजूदा कार्यकाल सितंबर में खत्म होने जा रहा है और BCCI उनके साथ बैठक की तैयारी में है. इस बातचीत का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है, क्योंकि 2027 वनडे वर्ल्ड कप में अब ज्यादा समय नहीं बचा है. ऐसे में बोर्ड टीम चयन में निरंतरता बनाए रखने या नया चेहरा लाने पर विचार कर सकता है.
अगरकर के कार्यकाल पर पिछले कुछ समय से सवाल उठते रहे हैं. रोहित शर्मा को वनडे टीम से दूर करने के मुद्दे ने इसे और चर्चा में ला दिया था. इस मामले में BCCI और चयन समिति के बीच पूरी सहमति नहीं होने की बात सामने आई थी. हालांकि, बोर्ड ने अभी अगरकर को हटाने का कोई अंतिम फैसला नहीं किया है. आगामी बैठक में उनके प्रदर्शन और भविष्य की भूमिका पर बातचीत हो सकती है.
अगरकर के पक्ष में सबसे बड़ा पहलू 2027 वनडे वर्ल्ड कप की नजदीकी हो सकता है. टूर्नामेंट से पहले टीम के चयन और तैयारी में निरंतरता जरूरी होगी. अगर बोर्ड उनका कार्यकाल बढ़ाता है, तो वह विश्व कप तक चयन प्रक्रिया का हिस्सा बने रह सकते हैं. अगरकर 2023 में चीफ सेलेक्टर बने थे और पिछले साल उनका कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ाया गया था. अब सितंबर 2026 में मौजूदा विस्तार पूरा होगा.
अगरकर के कार्यकाल में भारतीय टीम ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं. भारत ने दो बार T20 वर्ल्ड कप जीता और चैंपियंस ट्रॉफी पर भी कब्जा किया. 2023 वनडे वर्ल्ड कप में टीम फाइनल तक पहुंची. हालांकि, टेस्ट क्रिकेट में प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा. इसी दौरान टीम में पीढ़ीगत बदलाव भी शुरू हुआ और कई अनुभवी खिलाड़ियों ने अलग-अलग प्रारूपों से दूरी बनाई.
रोहित शर्मा, विराट कोहली और रवींद्र जडेजा ने T20 इंटरनेशनल से संन्यास लिया, जबकि रोहित, कोहली और आर अश्विन टेस्ट क्रिकेट से भी दूर हुए. सूर्यकुमार यादव को T20 की कमान मिली और बाद में श्रेयस अय्यर कप्तान बने. वनडे और टेस्ट में शुभमन गिल को नेतृत्व सौंपा गया. ऐसे में अगरकर का भविष्य सिर्फ पद का सवाल नहीं है, बल्कि 2027 वर्ल्ड कप से पहले टीम के बदलाव को आगे बढ़ाने की रणनीति से भी जुड़ा है.