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कट्टर समर्थक! केंद्र में तीसरी बार BJP सरकार बनने की ऐसी 'खुशी', शख्स ने मंदिर में चढ़ाई उंगली

Balrampur Viral News: चुनाव के दौरान राजनीतिक पार्टियों और नेताओं के कट्टर समर्थकों की खबरें वायरल होती हैं. छत्तीसगढ़ बलरामपुर की एक खबर वायरल है. एक शख्स ने लगातार तीसरी बार भाजपा की जीत के बाद मंदिर में अपनी उंगली काटकर चढ़ा दी.

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Balrampur Viral News: केंद्र में लगातार तीसरी बार NDA सरकार बनने की खुशी में एक शख्स ने अपनी उंगली काटकर मंदिर में चढ़ा दी. फिलहाल, शख्स की हालत ठीक बताई जा रही है और इलाज के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. शख्स भाजपा का कट्टर समर्थक बताया जा रहा है. जानकारी के मुताबिक, जब शुरुआती नतीजे आ रहे थे और भाजपा उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर रही थी, तब शख्स उदास हो गया था, लेकिन शाम तक जब एनडीए को पूर्ण बहुमत मिल गया और भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी, तब उसने मंदिर में अपनी उंगली काटकर चढ़ा दी.

शख्स की पहचान डीपापाडी के रहने वाले 30 साल के दुर्गेश पांडे के रूप में हुई है. कहा जा रहा है कि नतीजों के आने के बाद खुशी में दुर्गेश, सावंत सरना के प्राचीन काली मंदिर पहुंचा और अपनी उंगली काटकर देवी को खून चढ़ाने लगा. इस दौरान काफी खून बहने से उसकी हालत खराब हो गई. फिर उसे नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया. यहां डॉक्टरों ने इलाज कर उसे घर भेज दिया. 

कांग्रेस को बढ़त मिलता देख मांगी मन्नत, पूरी हुई तो दोबारा पहुंचा मंदिर

जानकारी के मुताबिक, 4 जून को जब नतीजे आ रहे थे और कांग्रेस उम्मीद से कहीं ज्यादा बेहतर प्रदर्शन कर रही थी और भाजपा 400 पार के लक्ष्य से पीछे दिख रही थी, तब दुर्गेश मंदिर पहुंचा और भाजपा के बेहतर प्रदर्शन के लिए मन्नत मांगी. जब भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई, तो दुर्गेश दोबारा मंदिर पहुंचा और अपनी उंगली काटकर देवी को खून चढ़ाने लगा. 

डॉक्टरों ने बताया कि दुर्गेश पांडे ने बाएं हाथ का अंगूठा काट लिया था. जब उसे यहां लाया गया तो खून लगातार बह रहा था. डॉक्टरों ने बताया कि ज्यादा देर होने की वजह से और ज्यादा खून बहने की वजह से दुर्गेश पांडे की उंगली हम जोड़ नहीं पाए. फिलहाल, उसकी हालत सामान्य है. उधर, दुर्गेश ने बताया कि भाजपा को सबसे बड़ी पार्टी के रूप में देख काफी अच्छा लगा. लेकिन अगर एनडीए का आंकड़ा 400 पार हो जाता, तो और बेहतर होता.