नई दिल्ली: चीन में टेक्नोलॉजी किस रफ्तार से आम जीवन का हिस्सा बन चुकी है, इसका ताजा उदाहरण एक वायरल वीडियो है. इस वीडियो में ह्यूमनॉइड रोबोट इंसानों के साथ मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग लेते नजर आ रहे हैं. खास बात यह है कि यह दृश्य चीन के प्रसिद्ध शाओलिन टैंपल परिसर का बताया जा रहा है. सदियों पुरानी मानव परंपरा और आधुनिक मशीनों का यह मेल लोगों को हैरान भी कर रहा है और सोचने पर मजबूर भी.
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि ह्यूमनॉइड रोबोट शाओलिन मंदिर में भिक्षुओं के साथ कतार में खड़े होकर कुंग-फू की प्रैक्टिस कर रहे हैं. रोबोट्स की बॉडी पोजिशन, हाथ-पैरों की गति और संतुलन बिल्कुल इंसानों जैसा दिखाई देता है. ये मशीनें पारंपरिक मार्शल आर्ट रूटीन को बेहद सटीकता से दोहराती नजर आती हैं, जिससे देखने वालों को पहली नजर में यकीन करना मुश्किल हो गया.
इस वीडियो ने लोगों को इसलिए भी चौंकाया क्योंकि मार्शल आर्ट को केवल शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक अनुशासन का प्रतीक माना जाता है. पीढ़ियों से चली आ रही इस परंपरा में मशीनों की भागीदारी कई सवाल खड़े कर रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक की बड़ी छलांग है, जहां रोबोट केवल आदेश नहीं मानते, बल्कि जटिल शारीरिक गतिविधियों को भी सीख रहे हैं.
Shaolin Temple has started practicing kung fu with robots.
pic.twitter.com/iqwXviQgv5— Science girl (@sciencegirl) February 5, 2026Also Read
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चाइना इनसाइडर की रिपोर्ट के मुताबिक, इन ह्यूमनॉइड रोबोट्स को शंघाई की कंपनी AgiBot ने विकसित किया है. कंपनी ऐसे रोबोट बनाने पर काम कर रही है, जो वास्तविक दुनिया के माहौल को समझ सकें. ये मशीनें सेंसर और एडवांस्ड एआई की मदद से आसपास की परिस्थितियों का आकलन करती हैं और उसी के अनुसार अपने मूवमेंट तय करती हैं.
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई. कुछ लोगों ने इसे एआई-जनरेटेड वीडियो बताया, जबकि कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि क्या रोबोट अब घरेलू काम भी कर पाएंगे. वहीं एक वर्ग को इंसानों के भविष्य की चिंता सता रही है. उनका मानना है कि एआई और रोबोट्स का बढ़ता दखल भविष्य में इंसानों के लिए बैकफायर भी साबित हो सकता है.