नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय मलेशिया यात्रा के बीच पाकिस्तान के नेवी चीफ एडमिरल नावीद अशरफ का कुआलालांपुर पहुंचना रणनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है. संयोग से हुए इस दौरे में पाकिस्तानी नौसेना प्रमुख ने मलेशिया के शीर्ष सैन्य और नौसैनिक अधिकारियों से मुलाकात की. इसे दक्षिण एशिया और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बदलते सुरक्षा समीकरणों के संदर्भ में देखा जा रहा है.
पाकिस्तानी सेना की मीडिया इकाई ISPR के अनुसार, एडमिरल नावीद अशरफ ने मलेशिया दौरे के दौरान रॉयल मलेशियन नेवी के वरिष्ठ नेतृत्व से विस्तृत बातचीत की है. मलेशियन नेवी मुख्यालय में एडमिरल तन श्री जुल्हेल्मी बिन इथनैन ने उनका स्वागत किया. बैठकों में समुद्री सुरक्षा, रक्षा सहयोग और नौसैनिक संबंधों को आगे बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई.
यह दौरा ऐसे समय हुआ जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मलेशिया में मौजूद थे. पीएम मोदी ने मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहीम के साथ द्विपक्षीय वार्ता की, जिसमें रक्षा, व्यापार, सेमीकंडक्टर और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने पर सहमति बनी. दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने के लिए कई अहम पहलों की शुरुआत की.
विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया घटनाओं के बाद पाकिस्तान अपनी सेना, नौसेना और वायुसेना के अंतरराष्ट्रीय संपर्क बढ़ाने में जुटा है. पिछले साल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पाकिस्तान लगातार मित्र देशों के साथ सैन्य सहयोग को गति दे रहा है. मलेशिया दौरे को इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.
पाकिस्तानी नौसेना ने कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच नौसैनिक साझेदारी को और मजबूत करेगी. संयुक्त अभ्यास, प्रशिक्षण, सूचना साझा करना और समुद्री डकैती व आतंकवाद जैसी चुनौतियों से निपटने पर सहमति बनी. एडमिरल अशरफ ने हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए पाकिस्तान की प्रतिबद्धता दोहराई.