दिवंगत सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे को 500 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा है. यह नोटिस मुंबई स्थित ठाकरे के आवास के बाहर उनके वकील द्वारा स्वीकार किया गया. सतीश सालियान अपनी बेटी की मौत के मामले की नए सिरे से जांच की मांग कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर की गई कथित झूठी टिप्पणियों के खिलाफ कानूनी कदम उठा रहे हैं.
सतीश सालियान के वकील नीलेश ओझा ने आरोप लगाया कि शिवसेना (यूबीटी) के कार्यकर्ताओं ने उन्हें वकालत न करने देने की धमकी दी थी. उन्होंने कहा कि हम राजनीति से दूर हैं और यह साबित करने आए हैं कि हम सीधे घर पर कानूनी नोटिस दे सकते हैं. ओझा ने स्पष्ट किया कि अब नोटिस थमा दिया गया है और इसका कानूनी जवाब दिया जाना चाहिए.
Disha Salian’s father, Satish Salian, served a legal notice on Shiv Sena (UBT) leader Aaditya Thackeray.
— IANS (@ians_india) September 19, 2026
The notice concerns alleged false, malicious, and defamatory posts published by Thackeray on his official X account on September 16, 2026, in English and Marathi. It accuses… pic.twitter.com/vPQcEKyVM8
यह मानहानि नोटिस आदित्य ठाकरे द्वारा अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर हिंदी और मराठी में किए गए पोस्ट से संबंधित है. नोटिस में आरोप लगाया गया है कि ठाकरे ने दिशा की मौत के मामले में सीबीआई जांच को लेकर व्यक्तिगत रंजिश और राजनीतिक मंशा से प्रेरित होकर झूठे व मानहानिकारक दावे किए. इसके हर्जाने के तौर पर 500 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग की गई है.
सतीश सालियान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे किसी से डरते नहीं हैं और उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर स्पष्ट रुख अपनाया है. वकील नीलेश ओझा ने बताया कि सतीश सालियान ने सीबीआई को पत्र लिखकर चार लोगों—सतीश सालियान, खुद ओझा, एनसीबी के पूर्व जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े और आशूतोष पाठक के लिए तत्काल पुलिस सुरक्षा की गुहार लगाई है.
दूसरी ओर, आदित्य ठाकरे ने दिशा सालियान से किसी भी तरह के संबंध से साफ इनकार किया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि वे कभी भी दिशा सालियान से नहीं मिले हैं और न ही उनसे कोई जान-पहचान थी. उल्लेख है कि दिशा सालियान की 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड में एक ऊंची इमारत से गिरकर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी.