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CJP प्रोटेस्ट में PM मोदी पर अभद्र टिप्पणी करने वाली युवती पर Zero FIR दर्ज, जानिए क्या होता है यह कानून

दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी के मामले में नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में Zero FIR दर्ज की गई है, जिसे आगे की जांच के लिए दिल्ली पुलिस को भेज दिया गया है.

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Edited By: Reepu Kumari
CJP प्रोटेस्ट में PM मोदी पर अभद्र टिप्पणी करने वाली युवती पर Zero FIR दर्ज, जानिए क्या होता है यह कानून
Courtesy: Pinterest

नोएडा में दर्ज एक ताजा मामले के बाद जीरो एफआईआर एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है. दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी से जुड़े मामले में नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में Zero FIR दर्ज की गई और बाद में इसे आगे की जांच के लिए दिल्ली पुलिस को भेज दिया गया. इसके बाद लोगों के मन में यह सवाल उठने लगा है कि आखिर Zero FIR होती क्या है. अक्सर किसी घटना के बाद लोगों को यह समझ नहीं आता कि शिकायत किस थाने में दर्ज कराई जाए. कई बार पुलिस क्षेत्राधिकार का हवाला देकर शिकायत दर्ज करने से भी बचती है. ऐसे में Zero FIR का प्रावधान नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए बनाया गया है. आइए जानते हैं इससे जुड़े नियम और यह सामान्य FIR से कितनी अलग होती है.

क्या होती है Zero FIR?

Zero FIR वह प्रथम सूचना रिपोर्ट होती है, जिसे किसी भी पुलिस थाने में दर्ज कराया जा सकता है, चाहे घटना उस थाने के क्षेत्राधिकार में हुई हो या नहीं. कानून के जानकारों के अनुसार इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पीड़ित को शिकायत दर्ज कराने के लिए अलग-अलग थानों के चक्कर न लगाने पड़ें. बाद में संबंधित पुलिस थाना इस मामले की आगे की जांच करता है.

Zero FIR को लेकर क्या हैं नियम?

दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 154 के तहत किसी भी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज की जा सकती है. अगर मामला उस थाने के अधिकार क्षेत्र का नहीं है, तो पुलिस शिकायत दर्ज कर उसे संबंधित थाने को भेज सकती है. जिस थाने में Zero FIR दर्ज होती है, वह सामान्य परिस्थितियों में मामले की विस्तृत जांच नहीं करता और केस आगे ट्रांसफर कर दिया जाता है.

Zero FIR और सामान्य FIR में क्या अंतर है?

सामान्य FIR उसी पुलिस थाने में दर्ज होती है, जिसके क्षेत्र में घटना हुई हो. वहीं Zero FIR किसी भी थाने में दर्ज कराई जा सकती है. इसके बाद शिकायत और दस्तावेज संबंधित क्षेत्राधिकार वाले थाने को भेज दिए जाते हैं, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच की जाती है. यही दोनों प्रक्रियाओं के बीच सबसे बड़ा अंतर माना जाता है.

महिलाओं से जुड़े मामलों में क्या है प्रावधान?

महिलाओं से जुड़े कुछ मामलों में विशेष कानूनी प्रावधान लागू होते हैं. उदाहरण के तौर पर, यदि कोई महिला अपने साथ हुई प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराती है और कानून में उपलब्ध संबंधित प्रावधान लागू होते हैं, तो पुलिस को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई करनी होती है. ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया अलग-अलग परिस्थितियों के आधार पर आगे बढ़ती है.

नोएडा में दर्ज ताजा मामला क्या है?

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी का वीडियो सामने आने के बाद नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में शिकायत दर्ज कराई गई. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 352, 353(1) और 356(1) के तहत Zero FIR दर्ज कर मामले को आगे की जांच के लिए दिल्ली पुलिस को स्थानांतरित कर दिया है. पुलिस के अनुसार अब इस मामले की विवेचना दिल्ली पुलिस करेगी.