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बेटियों के लिए सरकार का बड़ा तोहफा! पढ़ाई से शादी तक मिलेंगे लाखों रुपये, जानिए 10 धमाकेदार योजनाएं

केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारें बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य, करियर और भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए कई योजनाएं चला रही हैं. इन योजनाओं के तहत जन्म से लेकर उच्च शिक्षा और विवाह तक अलग अलग चरणों में आर्थिक सहायता दी जाती है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
बेटियों के लिए सरकार का बड़ा तोहफा! पढ़ाई से शादी तक मिलेंगे लाखों रुपये, जानिए 10 धमाकेदार योजनाएं
Courtesy: Chatgpt

नई दिल्ली: देश में बेटियों को सशक्त बनाने और उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य तथा भविष्य को सुरक्षित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें कई योजनाएं चला रही हैं. इन योजनाओं का उद्देश्य बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करना, उनकी पढ़ाई जारी रखना, बाल विवाह रोकना और उच्च शिक्षा व विवाह के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है. 

केंद्र सरकार की योजनाओं के साथ ही कई राज्यों ने भी अपनी जरूरतों के अनुसार विशेष योजनाएं शुरू की हैं. इनका लाभ लाखों परिवार उठा रहे हैं. केंद्र सरकार की सबसे लोकप्रिय योजना सुकन्या समृद्धि योजना है. इसमें 10 वर्ष से कम उम्र की बेटी के नाम बैंक या डाकघर में खाता खोला जाता है. इस योजना पर आकर्षक ब्याज मिलता है और जमा राशि का उपयोग बेटी की उच्च शिक्षा या शादी के लिए किया जा सकता है.

क्या है बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान का उद्देश्य?

'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' अभियान का उद्देश्य बेटियों के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करना, लिंगानुपात में सुधार करना और बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देना है. यह जागरूकता आधारित राष्ट्रीय अभियान है.

बालिका समृद्धि योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों की बेटियों को जन्म पर आर्थिक सहायता और कक्षा 10 तक पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति दी जाती है. इससे गरीब परिवारों की बेटियों को शिक्षा जारी रखने में मदद मिलती है.

कैसे मिलती है सहायता राशि?

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में जन्म से लेकर स्नातक तक छह चरणों में कुल 25000 रुपये की सहायता दी जाती है. यह राशि जन्म, टीकाकरण, स्कूल में प्रवेश और उच्च शिक्षा जैसे विभिन्न चरणों में मिलती है.

बिहार की मुख्यमंत्री कन्या सुरक्षा योजना में बेटी के जन्म पर आर्थिक सहायता देकर राशि को सावधि जमा में रखा जाता है. बेटी के 18 वर्ष पूरे होने पर ब्याज सहित यह राशि प्रदान की जाती है.

विभिन्न राज्यों में कौन-कौन सी हैं योजनाएं?

मध्य प्रदेश की लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत सरकार कई वर्षों तक निवेश करती है. पढ़ाई के अलग अलग चरणों में सहायता राशि दी जाती है और 21 वर्ष की आयु पूरी होने पर पात्र लाभार्थी को एक लाख रुपये तक का लाभ मिलता है.

राजस्थान की राजश्री योजना में बेटी के जन्म से लेकर 12वीं कक्षा तक विभिन्न चरणों में कुल 50000 रुपये की सहायता दी जाती है. इसका उद्देश्य बालिका शिक्षा और स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है.

महाराष्ट्र की माझी कन्या भाग्यश्री योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के लिए चलाई जाती है. पात्र परिवारों को बेटी के भविष्य के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है.

उत्तराखंड की नंदा देवी कन्या योजना में बेटी के जन्म पर सावधि जमा कराई जाती है. 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर ब्याज सहित राशि का भुगतान किया जाता है.

पश्चिम बंगाल की कन्याश्री योजना का उद्देश्य बाल विवाह रोकना और लड़कियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है. 18 वर्ष की आयु पूरी करने और निर्धारित शर्तें पूरी करने पर एकमुश्त आर्थिक सहायता दी जाती है.

ध्यान देने वाली बात यह है कि विभिन्न योजनाओं की पात्रता, आय सीमा, दस्तावेज और सहायता राशि समय समय पर संबंधित सरकारों द्वारा बदली जा सकती है. आवेदन करने से पहले संबंधित राज्य या विभाग की आधिकारिक जानकारी जरूर जांच लें.