LPG Connection Transfer: नौकरी या पढ़ाई के कारण शहर बदलना आजकल आम बात है. घर बदलते ही बिजली, पानी और गैस जैसी जरूरी सुविधाओं से जुड़े रिकॉर्ड में भी बदलाव करना पड़ता है. इनमें LPG कनेक्शन का पता बदलना कई लोगों के लिए उलझन वाला काम बन जाता है. खासकर तब, जब आधार कार्ड या दूसरे पहचान पत्र पर पुराना पता दर्ज हो. हालांकि, LPG कनेक्शन को नए शहर में ले जाने की प्रक्रिया तय है और इसे पूरा करके नया कनेक्शन हासिल किया जा सकता है.
अगर आप केवल उसी शहर में घर बदल रहे हैं, तो प्रक्रिया अपेक्षाकृत आसान रहती है. गैस कनेक्शन के पते में बदलाव के लिए नए पते का प्रमाण देकर KYC करानी होती है. इसके बाद रिकॉर्ड में नया पता अपडेट किया जाता है और गैस की डिलीवरी नए पते पर होने लगती है. लेकिन अगर आपका नया ठिकाना किसी दूसरे शहर में है, तो सिर्फ पता बदलने से काम नहीं चलेगा. इसके लिए पुराने कनेक्शन को पहले सरेंडर करना पड़ता है.
दूसरे शहर जाने पर सबसे पहले अपनी मौजूदा गैस एजेंसी से संपर्क करना होगा. वहां गैस सिलेंडर और रेगुलेटर जमा करने के साथ गैस सब्सक्रिप्शन वाउचर, कंज्यूमर कार्ड और जरूरी दस्तावेज देने होते हैं. पुरानी एजेंसी में कनेक्शन से जुड़ी यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद एजेंसी की ओर से टर्मिनेशन वाउचर दिया जाता है. पुराने कनेक्शन के लिए जमा सिक्योरिटी राशि भी नियमों के अनुसार वापस की जाती है.
पुरानी एजेंसी से टर्मिनेशन वाउचर मिलने के बाद नए शहर में अपने घर के पते के अनुसार नजदीकी गैस एजेंसी से संपर्क करना होगा. वहां टर्मिनेशन वाउचर के साथ नए पते से जुड़े जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे. दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद एजेंसी की ओर से नया कनेक्शन, सिलेंडर और रेगुलेटर दिया जाएगा. इस प्रक्रिया में नए कनेक्शन की तरह सिक्योरिटी राशि जमा करनी पड़ सकती है.
दूसरे शहर में LPG कनेक्शन लेते समय सबसे बड़ी परेशानी कई बार एड्रेस प्रूफ को लेकर होती है. आधार कार्ड, वोटर आईडी या पासपोर्ट में पुराना पता दर्ज होने के कारण नए पते का प्रमाण देना मुश्किल हो सकता है. ऐसी स्थिति में रेंट एग्रीमेंट जैसे दस्तावेज का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके अलावा कंपनी की ओर से जारी अकॉमोडेशन लेटर भी नए पते के प्रमाण के तौर पर काम आ सकता है.