इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) ने चुपचाप अपनी टिकट बुकिंग प्रणाली में संशोधन किया है. अब वंदे भारत, शताब्दी और राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में टिकट बुक करते समय यात्रियों को अनिवार्य रूप से मील ऑप्शन चुनना पड़ता है. पहले यात्रियों के पास 'नो मील' या 'नो फूड' चुनने की सुविधा थी, जिससे वे भोजन का अतिरिक्त शुल्क बचा सकते थे.
इस बदलाव के बाद यात्रियों को टिकट के साथ 300 से 400 रुपये तक अतिरिक्त भुगतान करना पड़ रहा है. छोटे सफर करने वाले यात्री, जो ट्रेन में भोजन नहीं लेना चाहते, अब इस अनिवार्य शुल्क से परेशान हैं.
यात्रियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी नाराजगी जाहिर की है. कई यूजर्स ने कहा कि उन्हें बिना जानकारी के ही भोजन का चार्ज देना पड़ा. एक यात्री ने लिखा, 'मैं सिर्फ तीन घंटे के सफर पर था, लेकिन टिकट में अपने आप मील जुड़ गया, हटाने का कोई विकल्प नहीं मिला.'
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि 'नो फूड' ऑप्शन पूरी तरह हटाया नहीं गया है, बल्कि अब इसका स्थान बदल दिया गया है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'यात्रियों के पास अब भी मील से ऑप्ट-आउट करने का विकल्प है, लेकिन यह थोड़ा नीचे के सेक्शन में मौजूद है.' हालांकि, यात्रियों का कहना है कि वेबसाइट और ऐप में यह ऑप्शन साफ दिखाई नहीं दे रहा.
रेलवे विशेषज्ञों का मानना है कि पारदर्शिता की कमी यात्रियों के असंतोष का मुख्य कारण है. उनका कहना है कि आईआरसीटीसी को अपने बुकिंग पोर्टल और मोबाइल ऐप में स्पष्ट विकल्प दिखाने चाहिए, ताकि कोई भी यात्री अनजाने में अतिरिक्त भुगतान न करे.
बदलाव की जानकारी न होने के कारण कई यात्रियों को टिकट बुकिंग के समय दिक्कतों का सामना करना पड़ा. यात्रियों का कहना है कि पहले की तरह 'नो मील' विकल्प बहाल किया जाना चाहिए, ताकि लोग अपनी जरूरत और यात्रा की अवधि के अनुसार निर्णय ले सकें.
अब यात्रियों की शिकायतें बढ़ने के बाद संभावना है कि IRCTC इस फैसले की समीक्षा करे. रेलवे सूत्रों के अनुसार, जल्द ही इस मामले में नई गाइडलाइन जारी की जा सकती है, जिसमें मील चयन को लेकर पारदर्शिता बढ़ाई जाएगी.