बाइक चलाने वालों को क्यों नहीं देना होता है टोल टैक्स?


Babli Rautela
29 Oct 2025

टोल प्लाजा का नियम

    हाइवे या एक्सप्रेसवे पर यात्रा के दौरान टोल गेट पर रुकना तो बनता है. चाहे कार हो या ट्रक, हर वाहन को अपनी क्षमता के आधार पर शुल्क चुकाना पड़ता है, जो सड़क रखरखाव के लिए जरूरी होता है.

बाइक की खास छूट

    लेकिन दोपहिया वाहनों पर ये बोझ नहीं पड़ता. मोटरसाइकिल सवारों को आमतौर पर टोल से मुक्ति मिलती है, जो लाखों राइडर्स के लिए राहत का सबब है.

वजन का कम प्रभाव

    दोपहिया का वजन चार पहियों वाले वाहनों से काफी हल्का होता है. इससे सड़क पर न्यूनतम दबाव पड़ता है, जो रखरखाव लागत को कम रखने में मदद करता है.

जगह की बचत

    बाइक सड़क पर कम स्पेस घेरती है, जिससे ट्रैफिक फ्लो सुगम रहता है. भारी वाहनों की तुलना में ये कम जगह लेने वाली होती है, बिना किसी जाम की चिंता के.

सीमित लोड क्षमता

    इसके ऊपर ज्यादा माल ढोना मुश्किल होता है. बाइक मुख्यतः व्यक्तिगत यात्रा के लिए डिजाइन की जाती है, न कि कमर्शियल परिवहन के लिए.

सड़क क्षति से सुरक्षा

    देखभाल के लिहाज से बाइक सड़क को कम हानि पहुंचाती है. हल्के पहियों से गड्ढे या दरारें कम बनती हैं, जो लंबे समय तक हाइवे की उम्र बढ़ाती हैं.

भारी वाहनों का बोझ

    वहीं, बस या ट्रक जैसे वाहन सड़क पर भारी दबाव डालते हैं. इनके कारण मरम्मत का खर्च बढ़ जाता है, इसलिए इनसे ज्यादा टोल वसूला जाता है.

नीतिगत फैसला

    सरकारी नीतियां भी दोपहिया को प्रोत्साहित करती हैं, क्योंकि ये पर्यावरण-अनुकूल और ईंधन-किफायती हैं. टोल छूट से आम आदमी की जेब ढीली नहीं होती.

भविष्य की संभावनाएं

    हालांकि, कुछ राज्यों में इलेक्ट्रिक बाइक्स पर भी छूट की बात चल रही है. क्या ये छूट बनी रहेगी? आने वाले वर्षों में बदलाव संभव हैं.

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