नई दिल्ली: LPG की कमी के बाद पूरे देश में इंडक्शन कुकटॉप का इस्तेमाल बढ़ गया है. कुकिंग गैस के संकट के बीच इंडक्शन उपकरणों की मांग में काफी बढ़ोतरी देखी गई है. दिलचस्प बात यह है कि LPG को अक्सर खाना पकाने के लिए सबसे बेहतरीन विकल्प माना जाता है. हालांकि बहुत कम लोगों को पता है कि LPG के इस्तेमाल के अपने भी कई बड़े नुकसान हैं.
इससे एक अहम सवाल भी उठता है, क्या इंडक्शन कुकिंग से भी सेहत को किसी तरह का खतरा है? हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में की गई एक रिसर्च इस बात की पुष्टि करती है कि LPG कितनी नुकसानदेह हो सकती है. इस स्टडी से पता चला है कि यह घरेलू गैस अमेरिका में बच्चों में होने वाले अस्थमा के कुल मामलों में से 13 प्रतिशत के लिए जिम्मेदार है.
रिसर्च करने वालों का दावा है कि यह अपनी तरह की पहली स्टडी है जिसने खास तौर पर गैस स्टोव से निकलने वाली NO2 से जुड़े सेहत के खतरों की जांच की है. रिसर्च करने वालों ने पाया कि NO2 के संपर्क में आने से न सिर्फ अस्थमा के नए मामले बढ़ने या उनकी शुरुआत होने का खतरा बढ़ता है, बल्कि क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD), फेफड़ों के कैंसर, समय से पहले जन्म और डायबिटीज होने का खतरा भी बढ़ जाता है.
कुकिंग गैस (LPG) आस-पास की हवा से भारी होती है. यही वजह है कि अगर LPG लीक होती है तो गैस कमरे के निचले हिस्सों में जमा होकर वहीं बनी रहती है. आम हवा की तरह यह आसानी से न तो फैलती है और न ही बाहर निकल पाती है. ऐसे मामलों में आग लगने का खतरा काफी बढ़ जाता है.
इंडक्शन कुकटॉप के भी अपने कुछ फायदे और नुकसान हैं. ये पूरी तरह से बिजली पर निर्भर होते हैं. जिसके वजह से बिजली चले जाने पर ये काम नहीं करेंगे. जिन इलाकों में बिजली की आपूर्ति अनियमित होती है, वहां इंडक्शन कुकटॉप ज्यादा काम के साबित नहीं होते. इनके लिए खास तरह के बर्तनों की जरूरत होती है, जो इस तकनीक के साथ काम करने के लिए डिजाइन किए गए हों.
इसके अलावा इनसे बिजली का बिल भी ज्यादा आ सकता है. एक इंडक्शन कुकटॉप खरीदना और साथ में उसके लिए जरूरी बर्तन खरीदना एक महंगा सौदा हो सकता है. आखिर में बड़े परिवारों के लिए ये अक्सर कम व्यावहारिक साबित होते हैं.
इंडक्शन कुकिंग को आम तौर पर LPG से ज़्यादा सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि इसमें गैस लीक या धमाके से जुड़े जोखिम खत्म हो जाते हैं. इससे खाना जल्दी पकता है. इस सिस्टम का डिजाइन ही ऐसा है कि खाना तेजी से पकता है. यह ऊर्जा के मामले में भी कुशल है. इसकी कुकटॉप प्लेट की सपाट सतह की वजह से इसे साफ करना बहुत आसान होता है.