menu-icon
India Daily

20 रुपये के सिक्के ने बढ़ाई चिंता! कहीं आपकी जेब में भी तो नहीं घूम रहा नकली सिक्का?

बाजार में नकली 20 रुपये के सिक्कों की खबर ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. हरियाणा के सोनीपत में पुलिस ने पेचकस बनाने की फैक्ट्री की आड़ में चल रहे कथित अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है.

reepu
Edited By: Reepu Kumari
20 रुपये के सिक्के ने बढ़ाई चिंता! कहीं आपकी जेब में भी तो नहीं घूम रहा नकली सिक्का?
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: जेब में पड़ा 20 रुपये का सिक्का दिखने में बिल्कुल सामान्य हो सकता है, लेकिन हर सिक्का असली हो, यह जरूरी नहीं. हरियाणा के सोनीपत में पुलिस ने नकली सिक्के बनाने वाले एक कथित अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है. पुलिस के मुताबिक, पेचकस बनाने की फैक्ट्री की आड़ में यह काम चल रहा था. छापेमारी में नकली सिक्के बनाने वाली मशीनों सहित पूरा सेटअप बरामद हुआ है.

पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से 6,400 नकली 20 रुपये के सिक्के और छह मशीनें मिली हैं. जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह रोजाना करीब 12,000 नकली सिक्के बाजार में खपाता था. ऐसे में इनमें से कुछ सिक्के अभी भी लोगों तक पहुंच चुके होने की आशंका है. इसलिए 20 रुपये का सिक्का मिलने पर उसे बिना जांचे आगे चलाने के बजाय कुछ जरूरी चीजों पर ध्यान देना चाहिए.

सिक्के का डिजाइन बताएगा असली या नकली का फर्क

20 रुपये के असली सिक्के पर बना डिजाइन साफ और उभरा हुआ दिखाई देता है. उस पर लिखा ‘20’ और अन्य डिजाइन भी स्पष्ट नजर आते हैं. नकली सिक्के में ये निशान कम उभरे, धुंधले या कमजोर दिखाई दे सकते हैं. अगर किसी सिक्के का डिजाइन सामान्य 20 रुपये के सिक्के की तुलना में अस्पष्ट लगे, तो उसे ध्यान से जांचना चाहिए. हालांकि केवल डिजाइन देखकर अंतिम फैसला नहीं करना चाहिए.

किनारों की धारियों को भी जरूर परखें

सिक्के के किनारे भी उसकी पहचान में मदद कर सकते हैं. असली सिक्के में किनारों पर बनी धारियां सामान्य तौर पर व्यवस्थित और एक जैसी दिखाई देती हैं. नकली सिक्के में ये धारियां असमान हो सकती हैं या उनकी बनावट ठीक नहीं लग सकती. कुछ मामलों में किनारों की धारियां स्पष्ट दिखाई भी नहीं देतीं. इसलिए सिक्का हाथ में लेते समय उसके बाहरी किनारों को भी ध्यान से देखना जरूरी है.

अक्षर धुंधले हों तो सिक्का जांचें

सिक्के पर लिखे अक्षर, अंक और दूसरी जानकारियां भी अहम संकेत दे सकती हैं. असली सिक्के में इनकी बनावट स्पष्ट होती है, जबकि संदिग्ध सिक्के पर अक्षर टेढ़े-मेढ़े या धुंधले दिखाई दे सकते हैं. हालांकि केवल इस आधार पर सिक्के को नकली नहीं मानना चाहिए. डिजाइन, किनारे और दूसरे फीचर्स के साथ इसे जांचना बेहतर है, ताकि जल्दबाजी में सही सिक्के को लेकर गलत फैसला न हो.

वजन और धातु की चमक भी दे सकती है संकेत

असली 20 रुपये के सिक्के का वजन 8.5 ग्राम बताया गया है. अगर कोई सिक्का काफी हल्का या ज्यादा भारी लगे, तो उसकी जांच करनी चाहिए. साथ ही रंग और धातु की चमक पर भी ध्यान दें. असली सिक्के की फिनिशिंग सामान्य तौर पर संतुलित दिखाई देती है, जबकि नकली सिक्के का रंग या चमक अलग हो सकती है. संदेह होने पर घर में अनुमान लगाने के बजाय बैंक में जांच कराना बेहतर है.

शक हो तो सिक्का आगे चलाने की कोशिश न करें

अगर कोई 20 रुपये का सिक्का संदिग्ध लगे, तो उसे दुकान या किसी अन्य व्यक्ति को देकर आगे चलाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. ऐसे सिक्के की जांच नजदीकी बैंक या पुलिस स्टेशन में कराई जा सकती है. पहचान करते समय वजन, डिजाइन, अक्षर, किनारों की धारियां और धातु की चमक सभी को मिलाकर देखना चाहिए. किसी एक निशान के आधार पर फैसला करने के बजाय विशेषज्ञ से पुष्टि कराना सुरक्षित विकल्प है.