PF आपको बना देगा करोड़पति, हर महीने थोड़ी-सी बचत से ऐसे होगा रिटायरमेंट आसान

अगर आपकी सैलरी से पीएफ कटता है, तो आपको रिटायरटमेंट पर कितना और कैसे फायदा हो सकता है, ये हम आपको यहां बता रहे हैं.

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Shilpa Srivastava

नई दिल्ली: अगर आप नौकरी करते हैं और आपका पीएफ कटता है, तो यह खबर आपके लिए है. क्या आप जानते हैं कि आपका पीएफ आपको रिटायरमेंट के समय करोड़पति बना सकता है? अगर नहीं, तो आज हम आपको यहां पूरा गणित समझा रहे हैं. अगर आपकी सैलरी 50,000 रुपये  है तो EPF के जरिए आप रिटायरमेंट तक अच्छा-खासा फंड बना सकते हैं. थोड़ा-थोड़ा कर आप बड़ी बचत कर सकते हैं. 

पीएफ में सबसे अच्छी बात है कि समय के साथ ब्याज की वजह से यह रकम और भी ज्यादा बढ़ती चली जाती है. आसान भाषा में समझें तो 50,000 रुपये कमाने वाला व्यक्ति पीएफ से अच्छी खासी रकम जमा कर सकता है और रिटायरमेंट के बाद लाइफ आसानी से बिताई जा सकती है. सबसे पहले EPF को समझते हैं.

क्या होता है EPF?

EPF नौकरीपेशा लोगों के लिए एक परफेक्ट फ्यूचर प्लान कहा जा सकता है. इसमें हर महीने कर्मचारी और कंपनी दोनों पैसा जमा करते हैं. यह पैसा लॉन्ग-टर्म में करोड़ों तक पहुंच सकता है. रिटायरमेंट के समय यह फंड आपको फाइनेंशियल इंडीपेंडेंस देता है. 

50,000 रुपये पर कितना जमा होता है फंड?

मान लीजिए, अगर आपकी बेसिक सैलरी 25,000 रुपये है तो कर्मचारी का हिस्सा 12% यानी 3,000 रुपये प्रति महीना होगा. वहीं, कंपनी का हिस्सा करीब 3.67% यानी 917 रुपये होगा. कुल मिलाकर 3917 रुपये आपके EPF में जमा होगा. यह पैसा सैलरी से पहले ही कट जाता है, तो आपको इसे अलग से जमा करने की जरूरत नहीं पड़ती है. साल भर में यह 47,000 रुपये हो जाता है. इस पर सालाना ब्जाय 8.25% मिलता है. ब्याज की वजह से पैसा कंपाउंडिंग के आधार पर तेजी से बढ़ता है.

रिटायरमेंट तक कितना फंड बन सकता है?

अगर आपने 60 साल की उम्र तक 25 साल तक लगातार निवेश किया है, तो रिटायरमेंट के समय आपका फंड बहुत बड़ा हो सकता है. अगर आपकी सैलरी हर साल 95 बड़ती है, तो आपका रिटायरमेंट फंड 2.93 करोड़ हो सकता है. इसमें आपका हिस्सा 1.01 करोड़ होगा और बाकी का समय के साथ मिल रहा ब्याज होगा. 

समझने योग्य बात:

हर किसी को यह समझने की जरूरत है तो हर महीने 3 से 4,000 रुपये ज्यादा बढ़ी बात नहीं है. समय के साथ यह करोडों में बदल सकता है. ईपीएफ में पैसा सुरक्षित रहता है, सरकारी नियमों से चलता है और टैक्स छूट भी मिलती है. अगर आप सैलरी बढ़ने के साथ अपना योगदान बढ़ाते रहें, तो रिटायरमेंट में आपको चिंता करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.