menu-icon
India Daily

15 मिनट एक्स्ट्रा काम किया तो भी मिलेगी डबल सैलरी? नए वेज कोड में बदलाव से वेतन पर पड़ेगा असर

1 अप्रैल 2026 से नए वेज कोड के नियम लागू हो गए हैं. अब अगर कोई कर्मचारी अपने तय काम के घंटों से ज्यादा काम करता है तो उसे ओवरटाइम पर दोगुनी सैलरी मिलेगी.

reepu
Edited By: Reepu Kumari
15 मिनट एक्स्ट्रा काम किया तो भी मिलेगी डबल सैलरी? नए वेज कोड में बदलाव से वेतन पर पड़ेगा असर
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है. 1 अप्रैल 2026 से वेतन और ओवरटाइम के नियम बदल गए हैं. नए वेज कोड के तहत अब एक्स्ट्रा काम करने पर दोगुना पैसा मिलेगा. हालांकि कई लोगों को अबतक इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है. आप अपने हक के लिए तभी लड़ पाएंगे जब आपको पता होगा कि आपके अधिकार क्या-क्या हैं. पहले कई जगहों पर ओवरटाइम का सही भुगतान नहीं होता था.

अब नियम सख्त हो गए हैं. इससे खासकर फैक्ट्री और शिफ्ट में काम करने वाले मजदूरों को फायदा होगा. आइए जानते हैं नए नियम क्या कहते हैं.

ओवरटाइम पर अब मिलेगी डबल सैलरी

नए नियम के मुताबिक, तय काम के घंटों से ज्यादा काम करने पर रेगुलर रेट से दोगुनी सैलरी देनी होगी. मतलब हर एक घंटे के एक्स्ट्रा काम पर दो घंटे की सैलरी मिलेगी. कंपनियों को हर कर्मचारी के एक्स्ट्रा काम का पूरा रिकॉर्ड रखना पड़ेगा. यह बदलाव ब्लू-कॉलर वर्कर्स के लिए बहुत बड़ी राहत है.

15 मिनट एक्स्ट्रा काम भी गिना जाएगा

अब छोटे-छोटे एक्स्ट्रा समय को भी ओवरटाइम में जोड़ा जाएगा. अगर आप शिफ्ट खत्म होने के बाद 15 से 30 मिनट भी ज्यादा काम करते हैं तो उसे 30 मिनट का ओवरटाइम माना जाएगा. इससे कर्मचारियों को अपना हर मिनट का सही मुआवजा मिल सकेगा.

एक हफ्ते में कितने घंटे काम हो सकते हैं?

नए वेज कोड में एक सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे काम करने की सीमा तय की गई है. इसके बाद का कोई भी काम ओवरटाइम माना जाएगा. कंपनियों को शिफ्ट टाइमिंग तय करने की आजादी है, लेकिन साप्ताहिक 48 घंटे की लिमिट हर हाल में माननी होगी.

इस्तीफा या निकाले जाने पर पैसा कब मिलेगा?

अगर कोई कर्मचारी इस्तीफा देता है या कंपनी उसे निकालती है तो कंपनी को ओवरटाइम समेत सारा बकाया तुरंत चुकाना होगा. नए नियम में यह बात साफ कर दी गई है ताकि कर्मचारियों को समय पर उनका हक मिल सके. कंपनियों को काम के घंटों का सही रिकॉर्ड रखना भी जरूरी है.

बेसिक सैलरी पर क्या असर पड़ेगा?

नए नियम में बेसिक सैलरी कुल सैलरी (CTC) का कम से कम 50% रखनी होगी. इससे प्रॉविडेंट फंड और ग्रेच्युटी में ज्यादा पैसा जमा होगा. इन-हैंड सैलरी थोड़ी कम हो सकती है, लेकिन रिटायरमेंट के समय ज्यादा फायदा मिलेगा. व्हाइट-कॉलर कर्मचारियों को ओवरटाइम का फायदा कम मिल सकता है, लेकिन ब्लू-कॉलर वर्कर्स की कमाई बढ़ने की उम्मीद है.