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अगर आपकी है इतनी सैलरी तो आपके लिए है खुशखबरी, नए लेबर कोड में बोनस को लेकर बड़ा ऐलान

केंद्र सरकार के नए नोटिफिकेशन के मुताबिक, 21 हजार रुपये तक मासिक वेतन पाने वाले पात्र कर्मचारियों को बोनस मिलेगा. इसके लिए साल में कम से कम 30 दिन काम करना जरूरी होगा.

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अगर आपकी है इतनी सैलरी तो आपके लिए है खुशखबरी, नए लेबर कोड में बोनस को लेकर बड़ा ऐलान
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: केंद्र सरकार के श्रम और रोजगार मंत्रालय ने बोनस से जुड़े दो नए नोटिफिकेशन जारी किए हैं. इनके तहत 21 हजार रुपये तक मासिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों के लिए बोनस का प्रावधान किया गया है. हालांकि, इसका लाभ कुछ तय शर्तों को पूरा करने पर ही मिलेगा. कर्मचारी ने संबंधित अकाउंटिंग वर्ष में कम से कम 30 दिन काम किया होना चाहिए. वहीं, 21 हजार रुपये से अधिक वेतन पाने वालों के लिए बोनस देना नियोक्ता की अनिवार्य जिम्मेदारी नहीं होगी.

वेतन संहिता, 2019 की धारा 26(1) के अनुसार, 21 हजार रुपये से कम वेतन पाने वाला कर्मचारी बोनस का पात्र हो सकता है. इसके लिए जरूरी है कि उसने साल में कम से कम 30 दिन काम किया हो. पात्र कर्मचारी को सालाना बोनस न्यूनतम 8.33 फीसदी और अधिकतम 20 फीसदी की दर से मिल सकता है. 21 हजार रुपये से ज्यादा वेतन वालों के लिए यह भुगतान अनिवार्य नहीं है.

7 हजार रुपये या न्यूनतम मजदूरी, जो ज्यादा हो

बोनस की गणना 7 हजार रुपये मासिक वेतन या संबंधित काम के लिए लागू न्यूनतम मजदूरी, दोनों में से जो अधिक होगी, उसके आधार पर की जाएगी. उदाहरण के तौर पर किसी कर्मचारी की वास्तविक सैलरी 15 हजार रुपये है और उसके काम के लिए न्यूनतम मजदूरी 10 हजार रुपये तय है, तो गणना 10 हजार रुपये के आधार पर होगी.

ऐसे समझें बोनस का पूरा हिसाब

बोनस निकालने का आधार समझने के लिए एक उदाहरण लेते हैं. मान लीजिए किसी कर्मचारी की न्यूनतम मजदूरी 12 हजार रुपये है. चूंकि यह 7 हजार रुपये से अधिक है, इसलिए इसी रकम को आधार बनाया जाएगा. 12,000 × 8.33% × 12 करने पर सालाना बोनस करीब 11,995 रुपये बैठता है. यानी पात्र कर्मचारी को न्यूनतम बोनस के तौर पर लगभग इतनी रकम मिल सकती है.

20 फीसदी तक हो सकता है बोनस

नियमों के अनुसार पात्र कर्मचारियों को मिलने वाला बोनस 8.33 फीसदी से कम नहीं होना चाहिए. वहीं, इसकी अधिकतम सीमा 20 फीसदी तय की गई है. बोनस की वास्तविक रकम संबंधित नियमों और पात्रता के आधार पर तय होगी. इसलिए हर कर्मचारी को एक जैसी राशि मिलना जरूरी नहीं है. वेतन और लागू न्यूनतम मजदूरी बोनस की गणना में अहम आधार होंगे.

अकाउंटिंग साल खत्म होने के 8 महीने में भुगतान

'कोड ऑन वेजेज, 2019' की धारा 39(1) के मुताबिक, बोनस की रकम अकाउंटिंग साल खत्म होने के आठ महीने के भीतर कर्मचारी के बैंक खाते में जमा की जानी चाहिए. पर्याप्त कारण होने पर नियोक्ता समय बढ़ाने के लिए आवेदन कर सकता है. ऐसी स्थिति में अवधि दो साल तक बढ़ाई जा सकती है. 'पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट, 1965' में भी भुगतान के लिए आठ महीने की समय-सीमा का प्रावधान था.