उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के सतरिख क्षेत्र के मोहद्दीपुर गांव में बुधवार को एक दर्दनाक हादसे में दो युवकों की हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई. दोनों खेत को बेसहारा पशुओं से सुरक्षित रखने के लिए झटका मशीन का तार लगा रहे थे. इसी दौरान तार उछलकर 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन से जा टकराया, जिससे दोनों को तेज करंट लग गया.
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत परिजनों को सूचना दी और दोनों घायलों को फतेहाबाद स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
जानकारी के अनुसार अरविंद अपने एक बीघा खेत को आवारा पशुओं से बचाने के लिए झटका मशीन का तार बांध रहे थे. अरविंद खेत के किनारे लगे एक पेड़ पर चढ़कर तार बांध रहे थे, जबकि शिवम नीचे से तार संभाल रहा था. इसी दौरान दूसरे सिरे पर पहले से बंधा तार खुलकर ऊपर गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन से छू गया. बिजली प्रवाहित होते ही दोनों युवक करंट की चपेट में आ गए और मौके पर ही गंभीर रूप से झुलस गए.
हादसे में जान गंवाने वाला अरविंद अपने परिवार का इकलौता बेटा था. वह गांव के चौराहे पर किराने की दुकान चलाकर परिवार का पालन-पोषण करता था. उसके परिवार में पत्नी के अलावा 12 वर्षीय बेटी जान्हवी और 8 वर्षीय बेटा नमन हैं. वहीं शिवम की शादी करीब एक वर्ष पहले ही हुई थी. वह गांव में कॉस्मेटिक और कॉपी-किताब की दुकान संचालित करता था. दोनों युवकों की असमय मौत से परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. गांव में शोक का माहौल है और हर आंख नम दिखाई दी.
स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव की आबादी और खेतों के ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन काफी नीचे लटकी हुई है. लंबे समय से इसकी शिकायत की जाती रही है, लेकिन इसे दुरुस्त नहीं कराया गया. ग्रामीणों का आरोप है कि दो बिजली पोलों के बीच तार निर्धारित ऊंचाई से नीचे होने के कारण हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है. बच्चों और किसानों को अक्सर इन तारों से दूर रहने की चेतावनी दी जाती थी, लेकिन समय रहते सुधार नहीं होने से यह हादसा हो गया.