Cyber Fraud: स्पूफ कॉल एक ऐसी टेक्नोलॉजी है जिसमें कॉल करने वाला व्यक्ति अपने असली फोन नंबर को छिपाकर एक अलग नंबर दिखाता है. इससे यह लगता है कि कॉल एक विश्वसनीय सोर्स, जैसे कि किसी बैंक, सरकारी अधिकारी या किसी जान-पहचान के व्यक्ति से आ रही है. हैकर्स इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल लोगों का पैसा चुराने के लिए करते हैं. इसमें लोग आसानी से फंस भी जाते हैं.
स्पूफ कॉलिंग के जरिए हैकिंग का सिस्टम बहुत तेजी से बढ़ रहा है. कई मामले देखने और सुनने में आ रहे हैं जिसमें यह तरीका इस्तेमाल किया जाता है. चलिए जानते हैं कि स्पूफ कॉल्स का इस्तेमाल कैसे किया जाता है और बचा कैसे जाता है.
कॉलिंग लाइन आइडेंटिटी (CLI) में बदलाव: हैकर्स स्पेशल सॉफ्टवेयर या ऐप्स का इस्तेमाल करके अपने असली नंबर को बदलकर किसी और नंबर को दिखाते हैं. उदाहरण के लिए, वे अपने नंबर को एक लोकल बैंक के नंबर के रूप में दिखाते हैं.
भरोसा हासिल करना: जब लोग देखते हैं कि कॉल किसी विश्वसनीय नंबर से आ रही है, तो वे आसानी से धोखाधड़ी करने वाले के कहने पर विश्वास कर लेते हैं. इस प्रकार, हैकर्स ज्यादातर लोगों से सेंसिटिव जानकारी जैसे कि बैंक डिटेल्स, पिन कोड आदि प्राप्त कर सकते हैं.
धमकी और डर का इस्तेमाल: हैकर्स कभी-कभी लोगों को डराकर भी धोखा देते हैं, जैसे कि यह कहते हुए कि उन्हें कानूनी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा या उनका नंबर बंद किया जाएगा. इस तरह के डर के चलते लोग जल्दी से पैसे या जानकारी देने के लिए सहमत हो जाते हैं.
फिशिंग: स्पूफ कॉल्स का इस्तेमाल फिशिंग के लिए भी किया जाता है, जहां हैकर्स कॉल के जरिए लोगों को धोखा देकर उनसे पर्सनल जानकारी प्राप्त करने की कोशिश करते हैं.
अगर आपको कोई अनजान नंबर से कॉल आती है और वे आपसे सेंसिटिव जानकारी मांगते हैं, तो सावधान रहें.
अगर किसी बैंक या सरकारी एजेंसी का नंबर दिखाई दे रहा है, तो उनकी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर सीधे उनके कस्टमर केयर सर्विस नंबर पर कॉन्टैक्ट करें.
कई स्मार्टफोन्स में स्पैम कॉल्स को ब्लॉक करने के लिए सेटिंग्स होती हैं. इसका इस्तेमाल करें.
स्पूफ कॉल्स से बचना जरूरी है जिससे धोखाधड़ी को रोका जा सके.