नई दिल्ली: जनवरी 2026 में, स्मार्टफोन साइबर क्रिमिनल्स के लिए मुख्य टारगेट बने हुए हैं. ये सभी जीरो-क्लिक एक्सप्लॉइट्स और AI-पावर्ड फिशिंग से लेकर एडवांस्ड मैलवेयर और सिम स्वैप हमलों तक कई तरीके इश्तेमाल करते हैं. लोगों का डाटा चुराना, पैसे चुराना और डिवाइस को हैक करना, ये सभी काम हैकर्स आजकल काफी ज्यादा करने लगे हैं.
पेगासस-स्टाइल स्पाइवेयर, स्टोर से मैलिशियस ऐप्स का लीक होना और पब्लिक चार्जर के जरिए जूस जैकिंग जैसे खतरों के बढ़ने के साथ, मजबूत सुरक्षा बेहद ही जरूरी हो चली है. ऐसे में हम आपको कुछ जरूरी टिप्स के बारे में बता रहे हैं, जिनके जरिए आप इस तरह के स्कैम और हैकिंग से बच सकते हैं.
सबसे पहले तो आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आपकी डिवाइस पूरी तरह से अपडेटेड रहे. ओएस और ऐप को अपडेटेड रखें. कंपनी जो पैच जारी करती है, उनमें बग को फिक्स करने की क्षमता होती है. देरी से बचने के लिए ऑटोमैटिक अपडेट ऑन रखें.
सिंपल पिन या पैटर्न को बायोमेट्रिक्स (फिंगरप्रिंट या चेहरे की पहचान) के साथ एक कॉम्प्लेक्स पासकोड से बदलें. सभी अकाउंट्स पर मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) ऑन करें. सिम स्वैप स्कैम को ब्लॉक करने के लिए SMS के बजाय ऑथेंटिकेटर ऐप्स को प्राथमिकता दें.
केवल ऑफिशियल स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करें. परमिशन को ध्यान से देखें. इसके साथ ही कॉन्टैक्ट्स, लोकेशन, माइक्रोफोन या कैमरे तक गैर-जरूरी एक्सेस को मना करें. ऐप्स को साइडलोड करने या टेक्स्ट/ईमेल में संदिग्ध लिंक्स पर क्लिक करने से बचें, क्योंकि AI-जेनरेटेड फिशिंग और डीपफेक स्कैम बढ़ गए हैं.
बैंक और सभी संवेदनशील कामों के लिए पब्लिक वाई-फाई का इस्तेमाल न करें. ओपन नेटवर्क पर ट्रैफिक को एन्क्रिप्ट करने के लिए एक वीपीएन का इस्तेमाल जरूर करें. जूस जैकिंग मैलवेयर इंस्टॉलेशन को रोकने के लिए डाटा ब्लॉकर का इस्तेमाल करें.
एंटीवायरस ऐप्स मैलवेयर को स्कैम करते हैं, फिशिंग का पता लगाते हैं और बैंकिंग ट्रोजन या एडवेयर जैसे खतरों से रियल-टाइम सुरक्षा देते हैं.
Find My Device (Android) या Find My iPhone (iOS) एक्टिवेट करें जिससे आप खोए/चोरी हुए फोन को दूर से ढूंढ सकें, लॉक कर सकें या मिटा सकें.