नई दिल्ली: 21 जून को होने वाले NEET 2026 री-एग्जाम से पहले सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. मैसेजिंग ऐप टेलिग्राम को 22 जून तक पूरे देश में अस्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया गया है. यह कदम NTA की सिफारिश पर उठाया गया है. लेकिन कई लोग सवाल कर रहे हैं कि टेलिग्राम को बैन क्यों किया गया, जबकि WhatsApp पर कोई रोक नहीं लगाई गई?
यहां हम आपको यही बताएंगे कि आखिर WhatsApp पर NEET को लेकर बैन क्यों नहीं लगाया गया. इससे पहल जानते हैं टेलीग्राम को बैन करने के कारण.
मैसेज एडिट करने की सुविधा:
टेलिग्राम में पुराने मैसेज को भी एडिट किया जा सकता है. स्कैमर्स ने इसका फायदा उठाया. वो पुराने मैसेज को एडिट करके NEET पेपर का झूठा स्क्रीनशॉट डाल देते थे. बाद में Edited लिखा दिखता था, लेकिन छात्रों को लगता था कि पेपर पहले से लीक हो चुका है. इस फीचर का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग हुआ.
पब्लिक चैनल और ब्रॉडकास्टिंग:
टेलिग्राम पर कोई भी आसानी से पब्लिक चैनल बना सकता है और लाखों लोगों तक एक साथ मैसेज पहुंचा सकता है. स्कैमर्स ने ऐसे चैनलों पर फर्जी पेपर, आंसर की और ठगी के लिंक बेचे. लाखों छात्र इन चैनलों में फंस गए.
WhatsApp का सिस्टम पूरी तरह अलग है. यहां अकाउंट फोन नंबर से जुड़ा होता है. इस प्लेटफॉर्म पर बड़े पब्लिक चैनल बनाने की सुविधा नहीं है. WhatsApp का इस्तेमाल जान-पहचान वाले लोगों के बीच निजी चैट और छोटे ग्रुप के लिए किया जाता है. बड़े पैमाने पर ब्रॉडकास्टिंग और पेपर लीक जैसी गतिविधियां WhatsApp पर आसानी से नहीं की जा सकती हैं. जांच में भी WhatsApp पर ऐसे बड़े नेटवर्क नहीं मिले.
सरकार का कहना है कि टेलिग्राम पर पेपर लीक और छात्रों को ठगने वाला पूरा नेटवर्क चल रहा था, इसलिए सिर्फ उसी पर अस्थायी रोक लगाई गई. 22 जून के बाद टेलिग्राम फिर से सामान्य हो जाएगा. यह कदम NEET री-एग्जाम को निष्पक्ष और स्वच्छ रखने के लिए उठाया गया है. छात्रों से अपील है कि थी कि वो केवल NTA की आधिकारिक वेबसाइट और ऐप से ही जानकारी लें.