Google Chrome Warning: गूगल क्रोम यूजर्स के लिए एक बुरी खबर है. सरकार ने गूगल क्रोम इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए हाई-अलर्ट जारी किया है. इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) ने क्रोम में कई कमियों के बारे में बताया है जो यूजर्स के लिए चिंता का विषय है. यह कमियां डेस्कटॉप पर क्रोम इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को प्रभावित कर सकती हैं.
CERT-In के अनुसार, यह कमियां विंडोज और मैक के लिए 126.0.6478.114/115 से पहले के वर्जन और लिनक्स के लिए 126.0.6478.114 से पहले के वर्जन को इफेक्ट कर रही हैं. इन वर्जन्स पर साइबर क्रिमिनल्स अटैक कर सकते हैं. साइबर सुरक्षा एजेंसी ने गूगल क्रोम के डेस्कटॉप यूजर्स को सलाह देते हुए कहा है कि उन्हें इस तरह के साइबर अटैक से बचने के लिए ब्राउजर को लेटेस्ट वर्जन पर अपडेट करना होगा. अगर ऐसा न किया गया तो हैकर्स आपकी डिवाइस को आसानी से कभी भी हैक कर सकते हैं.
इनका कहना है कि V8 में टाइप कन्फ्यूजन, वेबअसेंबली में गलत इम्प्लीमेंटेशन, डॉन में आउट ऑफ बाउंड मेमोरी एक्सेस के चलते क्रोम में ये कमियां मौजूद हैं. इन कमियों का फायदा उठाकर अटैकर्स क्रोम पर अटैक कर रहे हैं. वे टारगेटेड सिस्टम पर मनमाना कोड डालते हैं और फिर सिस्टम का रिमोट एक्सेस हासिल कर लेते हैं.
CERT-In ने Google Pixel स्मार्टफोन में भी कमियों की पहचान की है. इसमें Pixel 5a 5G, Pixel 6a, Pixel 6, Pixel 6 Pro, Pixel 7, Pixel 7 Pro, Pixel 7a, Pixel 8, Pixel 8 Pro, Pixel 8a और Pixel Fold शामिल हैं. ये कमियां एक्सीनोस आरआईएल, मॉडम, LWIS, ACPM, फिंगरप्रिंट सेंसर, टेलीफोनी, ऑडियो, WLAN होस्ट, ट्रस्टी ओएस, पिक्सल फर्मवेयर आदि के तहत गलत इनपुट वेरिफिकेशन के चलते आई हैं.