Google Chrome Warning: भारत सरकार ने एक बार फिर गूगल क्रोम यूजर्स के लिए ब्राउजर में कुछ कमियां देखी हैं जो यूजर्स के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकती है. इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) ने कहा है, गूगल क्रोम में कई सिक्योरिटी खासियां हैं जो यूजर्स के लिए एक गंभीर खतरा पैदा कर कर रही हैं. इन कमजोरियों का अगर फायदा उठाया जाता है, तो हैकर्स यूजर के सिस्टम में रिमोटली मालिशस कोड डाल सकते हैं और सिस्टम को क्रैश कर सकते हैं.
26 सितंबर, 2024 को CERT-In ने एक लेटेस्ट नोट जारी किया है, जिसमें CIVN-2024-0311, Google Chrome में कमजोरियों की एक सीरीज दी गई है. यूजर्स के सिस्टम पर इनके प्रभावित की गंभीरता के तौर पर इन्हें कैटिगराइज्ड किया गया है. ये कमजोरियां क्रोम के जावास्क्रिप्ट इंजन (V8) में खामियों को दिखाती है जो गंभीर सिक्योरिटी की दिक्कतें पैदा कर सकता है.
V8 में टाइप कन्फ्यूजन तब होता है जब कोड का एक हिस्सा किसी वेरिएबल को ठीक से हैंडल नहीं करता है.
कोई प्रोग्राम इस्तेमाल के बाद मेमोरी को सही तरीके से क्लियर नहीं करता है, जिससे अटैकर्स उस मेमोरी में हेरफेर कर सकते हैं.
कुछ ब्राउजर ऑपरेशन्स को सही तरह से हैंडल न करना जिससे ब्राउजर में रिमोटली मालिशस कोड डाला जा सकता है.
विंडोज और Mac के लिए 129.0.6668.70/.71 या पहले के गूगल क्रोम वर्जन
लिनक्स के लिए 129.0.6668.70 या पहले के गूगल क्रोम वर्जन
इस परेशानी से बचने के लिए गूगल ने एक अपडेट जारी किया है जो अपने क्रोम ब्राउजर में इन कमियों को सही करता है.
Google Chrome वर्जन 129.0.6668.70 या बाद के वर्जन का उपयोग कर रहे हैं तो नया अपडेट तुरंत इंस्टॉल कर लें.
सबसे पहले गूगल क्रोम खोलें.
फिर सबसे ऊपर राइट साइड तीन डॉट्स पर क्लिक करें.
फिर Help क्लिक करें.
About Google Chrome पर क्लिक करें.
फिर Update Google Chrome पर क्लिक करें.