Google ने अपने प्ले स्टोर से बैन की 1750000 फेक ऐप्स, हजारों डेवलपर्स भी बैन
Google ने अपने प्ले स्टोर से कुछ ऐप्स को रिमूव कर दिया है. कंपनी ने 1.75 मिलियन यानी 1,750,000 से ज्यादा फेक, नुकसान पहुंचाने वाले या धोखा देने वाले ऐप्स हटा दिया है.
नई दिल्ली: गूगल ने हाल ही में अपने प्ले स्टोर से कई फेक ऐप्स को हटाया है. उन्होंने 1.75 मिलियन से ज्यादा फेक, नुकसान पहुंचाने वाले या धोखा देने वाले ऐप्स हटा दिए हैं. यह गूगल का अब तक का सबसे बड़ा एक्शन है, जो एंड्रॉइड फोन को सभी के लिए सुरक्षित बनाने के लिए लिया गया है. 19 फरवरी को शेयर किए गए एक ब्लॉग पोस्ट के अनुसार, गूगल ने बताया कि उन्हें क्या मिला. इनमें से कई खराब ऐप्स मैलवेयर से भरे हुए थे.
इनमें कुछ खतरनाक सॉफ्टवेयर होते हैं, जो आपके पैसे चुरा सकते हैं, आपको बिना बताए सीक्रेट पेड सब्सक्रिप्शन के लिए साइन अप कर सकते हैं, आपकी पर्सनल जानकारी चोरी कर सकते हैं, या आप अपने फोन पर क्या करते हैं, इस पर जासूसी कर सकते हैं. कुछ ऐप्स सिर्फ लोगों को धोखा देने और उनका समय या पैसा बर्बाद करने के लिए बनाए गए थे.
हमेशा के लिए ब्लॉक किए ये अकाउंट:
गूगल ने सिर्फ ऐप्स डिलीट ही नहीं किए बल्कि उन्होंने करीब 80,000 डेवलपर अकाउंट भी हमेशा के लिए ब्लॉक कर दिए. ये वे लोग या ग्रुप थे जो बार-बार नियम तोड़ते रहते थे. बार-बार स्कैम ऐप्स, नकली गेम या नुकसान पहुंचाने वाले टूल पोस्ट करते थे. एक बार बैन होने के बाद, वे कभी भी नए अकाउंट नहीं बना सकते या प्ले स्टोर पर कुछ भी अपलोड नहीं कर सकते.
प्ले प्रोटेक्ट ने रोकी 255,000 संदिग्ध ऐप्स:
इस तरह की ऐप्स के आपके फोन तक पहुंचने से पहले ही, Google के स्मार्ट सिक्योरिटी सिस्टम Play Protect ने लगभग 255,000 संदिग्ध ऐप्स को रोक दिया. बता दें कि प्ले प्रोटेक्ट ऐप्स को स्कैन करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करता है. इसके अलावा Google फेक रिव्यू से भी लड़ रहा है. उन्होंने 160 मिलियन से ज्यादा झूठी रेटिंग और कमेंट्स ब्लॉक किए हैं. कई स्कैमर लोगों को पैसे देते हैं या बॉट का इस्तेमाल करके नकली 5-स्टार रिव्यू लिखते हैं जिससे उनके खराब ऐप्स भरोसेमंद लगने लगे. यूजर फेक रिव्यू पढ़ते हैं और गलत ऑप्शन के झांसे में आ जाते हैं.
Google का कहना है कि यह अंत नहीं है. कंपनी मजबूत AI सिक्योरिटी में इन्वेस्ट करने का प्लान बना रही है, जिससे यूजर्स को सुरक्षित रखा जा सके. आसान भाषा में समझें तो जब आ प प्ले स्टोर से कोई ऐप डाउनलोड करते हैं, तो नुकसान पहुंचाने वाली या धोखा देने वाली ऐप मिलने का चांस बहुत कम हो जाता है. यह आपके पैसे, आपकी प्राइवेसी और आपके फोन की सेफ्टी को बचाता है.