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अमर हुआ शत्रुघ्न सिन्हा का फेमस डायलॉग 'खामोश', अब कोई भी बिना मर्जी के नहीं कर पाएगा इस्तेमाल

दिग्गज अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा को उनकी मशहूर पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा में बड़ी जीत मिली है. बॉम्बे हाईकोर्ट ने 21 फरवरी 2026 को उनके पक्ष में अंतरिम आदेश दिया है. कोर्ट ने साफ कहा कि उनका आइकॉनिक डायलॉग 'खामोश' उनकी पर्सनैलिटी से खास तौर पर जुड़ा हुआ है.

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मुंबई: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा को उनकी मशहूर पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा में बड़ी जीत मिली है. बॉम्बे हाईकोर्ट ने 21 फरवरी 2026 को उनके पक्ष में अंतरिम आदेश दिया है. कोर्ट ने साफ कहा कि उनका आइकॉनिक डायलॉग 'खामोश' उनकी पर्सनैलिटी से खास तौर पर जुड़ा हुआ है और इसे बिना उनकी सहमति के इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. यह डायलॉग 1975 की फिल्म 'कालीचरण' में शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने अनोखे अंदाज में बोला था, जो आज भी फैंस के दिलों में बसा है.

अमर हुआ शत्रुघ्न सिन्हा का फेमस डायलॉग 'खामोश'

शत्रुघ्न सिन्हा ने हाल ही में बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. उन्होंने आरोप लगाया कि कई वेबसाइट्स, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और AI टूल्स उनके नाम, तस्वीर, आवाज, हाव-भाव और 'खामोश' जैसे सिग्नेचर फ्रेज का बिना अनुमति कमर्शियल इस्तेमाल कर रहे हैं. फेक मर्चेंडाइज, डीपफेक वीडियोज और फर्जी एंडोर्समेंट्स से उनकी इमेज का दुरुपयोग हो रहा है.

याचिका में एडवोकेट हिरेन कामोड़ ने दावा किया कि इससे उनकी पर्सनैलिटी और पब्लिसिटी राइट्स का उल्लंघन हो रहा है. जस्टिस शर्मिला देशमुख की सिंगल बेंच ने मामले की सुनवाई की और अंतरिम राहत देते हुए कहा, "यह साबित करने की जरूरत नहीं कि 'खामोश' डायलॉग मुद्दई (शत्रुघ्न सिन्हा) की यूनिक स्टाइल में बोला गया था और यह पूरी तरह उनकी पर्सनैलिटी से जुड़ा है." 

कोर्ट ने रिकॉर्ड किया कि शत्रुघ्न सिन्हा का डायलॉग डिलीवरी स्टाइल बहुत खास है और 'खामोश' शब्द उनके साथ ही पहचाना जाता है. आदेश में कोर्ट ने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, AI एंटिटीज़, वेबसाइट्स और जॉन डो (अज्ञात व्यक्ति) को निर्देश दिया कि वे बिना सहमति के शत्रुघ्न सिन्हा का नाम, इमेज, वॉइस, मैनरिज्म्स या 'खामोश' जैसे फ्रेज का इस्तेमाल न करें. कोर्ट ने ऐसे कंटेंट को हटाने और भविष्य में ऐसा न करने का आदेश दिया. 

साथ ही फेक या मिसलीडिंग कंटेंट बनाने पर रोक लगा दी. यह अंतरिम राहत है, जबकि केस की पूरी सुनवाई आगे चलेगी. शत्रुघ्न सिन्हा ने याचिका में बताया कि सोशल मीडिया पर उनके नाम से फर्जी प्रोडक्ट्स बिक रहे हैं और AI से उनके वॉइस का इस्तेमाल हो रहा है. यह फैसला सेलिब्रिटीज की पर्सनैलिटी राइट्स के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि डिजिटल जमाने में डीपफेक और अनऑथराइज्ड यूज आम हो गया है.