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बीजेपी विधायक रंगे हाथों 5 लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार, लोकायुक्त का बड़ा एक्शन

कर्नाटक के गडग में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शिरहट्टी से भाजपा विधायक चंद्रू लमानी को ₹5 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. विधायक ने एक ठेकेदार से ₹11 लाख की मांग की थी.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: कर्नाटक में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत लोकायुक्त पुलिस ने एक बड़ी मछली पर शिकंजा कसा है. गडग जिले के शिरहट्टी विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक चंद्रू लमानी को लोकायुक्त की टीम ने एक ठेकेदार से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है. इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद पूरे राज्य की सियासत में हड़कंप मच गया है.

जानकारी के अनुसार, लोकायुक्त पुलिस ने यह कार्रवाई एक सुनियोजित ट्रैप ऑपरेशन के तहत की. अधिकारियों ने बताया कि विधायक को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7(a) और 7(A) के तहत दर्ज अपराध संख्या 02/2026 के अंतर्गत हिरासत में लिया गया है. गिरफ्तारी के वक्त विधायक रिश्वत की पहली किस्त स्वीकार कर रहे थे, तभी टीम ने उन्हें रंगे हाथ दबोच लिया. मौके से भ्रष्टाचार से संबंधित कई अहम सबूत भी एकत्र किए गए हैं.

₹11 लाख की डील और ₹5 लाख का एडवांस 

इस मामले की शुरुआत गडग जिले के चिंचली निवासी विजय पुजार की शिकायत से हुई. पुजार माइनर इरिगेशन विभाग में क्लास-1 ठेकेदार हैं. उन्होंने आरोप लगाया था कि विधायक चंद्रू लमानी ने सड़क के किनारे रिटेनिंग वॉल (Retaining Wall) के निर्माण कार्य को मंजूरी दिलाने के एवज में उनसे ₹11 लाख की मोटी रिश्वत की मांग की थी. विधायक ने स्पष्ट कर दिया था कि बिना कमीशन के काम आगे नहीं बढ़ेगा. इसी शिकायत के आधार पर लोकायुक्त ने जाल बिछाया और जब विधायक ₹5 लाख की अग्रिम राशि ले रहे थे, तभी उन्हें पकड़ लिया गया.

सहयोगियों पर भी कसा शिकंजा, जांच जारी

इस मामले में विधायक अकेले नहीं थे. लोकायुक्त पुलिस ने उनके दो करीबियों को भी हिरासत में लिया है. पकड़े गए आरोपियों में विधायक के निजी सहायक (PA) मंजूनाथ वाल्मीकि और उनके एक निजी सहयोगी गुरुनायक शामिल हैं. पुलिस इन तीनों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस सिंडिकेट में कुछ अन्य अधिकारी या सफेदपोश भी शामिल हैं. फिलहाल तीनों आरोपी हिरासत में हैं और लोकायुक्त की जांच टीम मामले के हर तकनीकी पहलू को खंगाल रही है.