नई दिल्ली: क्या कभी आपने सुना है कि पुराने मोबाइल फोन और सिम कार्ड में सोना होता है? अगर हां, तो क्या आपने कभी इसमें से सोना निकालने की कोशिश की है? कई लोगों को इस बाद को लेकर संदेह है कि क्या सही में इस दावे में कोई सच्चाई है या नहीं. आपको बता दें कि यह बात पूरी तरह गलत नहीं है. इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज में बहुत कम मात्रा में सोने का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन अगर कोई यह सोच रहा है कि घर में पड़े पुराने मोबाइल या सिम से आप अच्छी कमाई कर सकते हैं, तो यह दावा सही नहीं है.
बता दें कि इलेक्ट्रॉनिक सर्किट या प्रिंटेड सर्किट बोर्ड के कुछ हिस्सों में सोने का इस्तेमाल किया जाता है. ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि इसमें आसानी से जंग नहीं लगता है. साथ ही यह बिजली का अच्छा कंडक्टर है. इसी वजह से छोटे इलेक्ट्रॉनिक कनेक्शन में इसका इस्तेमाल किया जाता है. चलिए जानते हैं पुराने फोन में सोने की मात्रा कितनी होती है.
हालिया रिसर्च के अनुसार, 1998 से 2021 के बीच बनाए गए 45 मोबाइल फोन की PCBs पर रिसर्च की गई, जिसमें यह सामने आया कि स्मार्टफोन PCB में सोने की मीडियन कंसन्ट्रेशन करीब 428 ppm थी, जबकि पुराने फीचर फोन की PCB में यह मात्रा करीब 1,244 ppm तक थी.
इससे यह पता चलता है कि समय के साथ इलेक्ट्रॉनिक सर्किट में सोने की कंसन्ट्रेशन को कम किया गया है. इस रिचर्स में कई तरह के अध्ययन किए गए, जिसमें मोबाइल PCB में सोने की मात्रा लगभग 0.009% से 0.017% वजन तक पाई गई है. यह काफी कम है, लेकिन अगर बड़े लेवल पर इसे रिसाइक्ल किया जाए तो यह काफी अहम हो जाता है.
हां, SIM कार्ड के कॉन्टैक्ट प्वाइंट्स पर एक बेहद पतली गोल्ड प्लेटिंग का इस्तेमाल किया जाता है. इसका मकसद इलेक्ट्रिकल कनेक्शन को भरोसेमंद बनाना और कॉन्टैक्ट को बेहतर सुरक्षा देना होता है. हालांकि, यह समझना जरूरी है कि सिम कार्ड पर सोने की परत काफी पतली होती है. ऐसे में एक या दो पुराने सिम से सोना निकालने की अगर आप कोशिश भी करते हैं तो यह फायदेमंद नहीं रहता है.
अगर बड़े लेवल पर पुराने फोन को रिसाइकल किया जाए तो ही इसके ई-वेस्ट की सही वैल्यू सामने आती है. अमेरिकी EPA के आंकड़ों के अनुसार, 10 लाख पुराने मोबाइल फोन को रिसाइकिल करने पर करीब 34 किलोग्राम तक सोना रिकवर किया जा सकता है. इसके अलावा कॉपर, सिल्वर और पैलडियम जैसे दूसरे एक्सपेंसिव मेटल्स भी प्राप्त हो सकते हैं. यानी एक फोन में सोने की मात्रा बहुत कम होती है, लेकिन जब हजारों या लाखों फोन एक साथ प्रोसेस किए जाते हैं तो यही छोटी मात्रा कई किलोग्राम तक पहुंच सकती है.
सोना ई-वेस्ट से रिकवर किया जा सकता है. यह काम घर पर नहीं किया जा सकात है. इसके लिए विशेष मशीनों, सुरक्षित प्रोसेसिंग और प्रशिक्षित लोगों की जरूरत होती है.पुराने मोबाइल के PCB को जलाना या तेजाब जैसे खतरनाक केमिकल का इस्तेमाल करके सोना निकालने की कोशिश स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकती है.