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पानी में सड़कें गायब, स्कूल बसों पर रोक... गुरुग्राम के आदेश पर सोशल मीडिया में सवालों की बौछार

गुरुग्राम में बारिश और जलभराव के बीच प्रशासन ने स्कूल बसों की सुरक्षित आवाजाही के लिए नए निर्देश जारी किए हैं. हालांकि, नागरिकों ने इसे समस्या का स्थायी समाधान नहीं मानते हुए सवाल उठाए हैं.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
पानी में सड़कें गायब, स्कूल बसों पर रोक... गुरुग्राम के आदेश पर सोशल मीडिया में सवालों की बौछार
Courtesy: X (@aprajitanefes)

गुरुग्राम में मानसून की बारिश के बाद जलभराव ने एक बार फिर शहर की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. सोमवार को पानी से भरी सड़कों पर स्कूल बसों के फंसने के बाद जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर कई निर्देश जारी किए. स्कूलों से जलभराव वाले रास्तों से बसें नहीं भेजने और सुरक्षित विकल्प तलाशने को कहा गया है. इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने प्रशासन से जल निकासी व्यवस्था को लेकर सवाल पूछे हैं.

जलभराव वाले रास्तों से बसें नहीं जाएंगी

गुरुग्राम प्रशासन ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि पानी से भरे रास्तों पर स्कूल बसें न चलाएं. जहां संभव हो, सुरक्षित वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल किया जाए. अगर कोई सुरक्षित मार्ग उपलब्ध नहीं है, तो बच्चों को स्कूल परिसर में कर्मचारियों की निगरानी में रखा जाएगा और अभिभावकों को सूचना दी जाएगी. बच्चों को केवल माता-पिता या अधिकृत व्यक्ति के हवाले करने का निर्देश भी दिया गया है.

बसों में एस्कॉर्ट और पानी जरूरी

प्रशासन ने प्रत्येक स्कूल बस में कर्मचारी एस्कॉर्ट और पर्याप्त पेयजल रखने को कहा है. ड्राइवरों को जलभराव वाले रास्तों और अंडरपास से बचने की स्पष्ट हिदायत दी गई है. बस के मार्ग या समय में बदलाव होने पर स्कूलों को पहले से SMS या स्कूल ऐप के जरिए अभिभावकों को जानकारी देनी होगी. बिना निगरानी वाले या पानी से घिरे बस स्टॉप पर बच्चों को उतारने पर भी रोक रहेगी.

ट्रैफिक पुलिस देगी रियल टाइम जानकारी

बारिश और मौसम चेतावनी के दौरान गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस को स्कूल बस मार्गों पर जलभराव की जानकारी साझा करने की व्यवस्था बनाने को कहा गया है. सुबह 5:30 बजे, 10:30 बजे और दोपहर 12:30 बजे स्थिति की रिपोर्ट जारी की जाएगी. अचानक भारी बारिश या रास्ता बंद होने पर 30 मिनट के भीतर सूचना देने का निर्देश है. संवेदनशील स्थानों पर पुलिसकर्मी, टोइंग वाहन और पुलिस वाहन भी तैनात किए जाएंगे.

बच्चों की मदद के लिए अतिरिक्त बसें तैयार

प्रशासन ने हरियाणा रोडवेज की अतिरिक्त बसें भी तैयार रखने को कहा है. इन्हें तय स्थानों पर रखा जाएगा, ताकि स्कूल बस फंसने या खराब होने की स्थिति में बच्चों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा सके. हर स्कूल में परिवहन प्रभारी या मार्ग सुरक्षा अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया गया है. बारिश के दौरान बच्चों को बेसमेंट या परिसर के निचले हिस्सों में जमा नहीं करने को भी कहा गया है.

आदेश पर सवाल, जल निकासी की मांग

प्रशासन के निर्देशों के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने नाराजगी जताई. नागरिकों का कहना है कि बसों को पानी वाली सड़कों से हटाना तत्काल सुरक्षा उपाय हो सकता है, लेकिन इससे जल निकासी की मूल समस्या हल नहीं होती. लोगों ने नालों की सफाई, बेहतर ड्रेनेज और सड़क व्यवस्था को प्राथमिकता देने की मांग की. कुछ यूजर्स ने व्यंग्य करते हुए कहा कि बारिश, गर्मी और सर्दी, हर मौसम में घर पर रहने की सलाह ही मिल रही है.