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Fake Banking App: कहीं आपका बैंकिंग ऐप फर्जी तो नहीं, डाउनलोड कर लिया तो चूना लगना तय, ऐसे बचें

ठग SMS या सोशल मीडिया पर एक लिंक भेजते हैं, जो देखने में बिल्कुल असली बैंक की साइट जैसा होता है. यूज़र उस पर जाकर ऐप डाउनलोड कर लेता है, जो कि .apk फाइल के रूप में होता है. एक बार ऐप इंस्टॉल हुआ नहीं कि वो फोन के सारे डेटा तक पहुंच बना लेता है-SMS पढ़ना, OTP चुराना, पासवर्ड कैप्चर करना.

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Edited By: Reepu Kumari
Fake Banking App
Courtesy: Pinterest

Fake Banking App:आजकल सब कुछ मोबाइल पर है- पैसे ट्रांसफर करने से लेकर बिल भरने तक. लेकिन जैसे-जैसे डिजिटल बैंकिंग का इस्तेमाल बढ़ रहा है, वैसे-वैसे ठगों की चालाकी भी तेज हो रही है. हाल ही में केरल के एक व्यक्ति के साथ बड़ा साइबर फ्रॉड हुआ. उन्हें एक मैसेज आया जिसमें बैंकिंग ऐप अपडेट करने को कहा गया था. ऐप असली लग रहा था, लेकिन जैसे ही उन्होंने डिटेल्स डालीं, उनके PF अकाउंट से 4 लाख रुपये दो मिनट में साफ हो गए.

ऐसे फर्जी ऐप्स दिखने में बिलकुल असली लगते हैं. इनका लोगो, नाम और डिजाइन बैंक के असली ऐप जैसा ही होता है. यूज़र को बिल्कुल भी शक नहीं होता कि वो किसी नकली प्लेटफॉर्म पर अपनी डिटेल्स दे रहा है. असलियत तो तब सामने आती है जब अकाउंट से पैसे गायब हो जाते हैं और कोई OTP तक नहीं आता.

कैसे काम करते हैं फर्जी बैंकिंग ऐप?

साइबर एक्सपर्ट्स बताते हैं कि इन ऐप्स में पहले से ही एक स्क्रीन शेयरिंग टूल छिपा होता है, जिससे फ्रॉडस्टर आपकी हर गतिविधि को लाइव देख सकते हैं. जब भी आप यूज़रनेम-पासवर्ड डालते हैं या OTP भरते हैं, वो सब उनके पास पहुंच जाता है. ये ऐप्स गूगल प्ले स्टोर या किसी थर्ड पार्टी वेबसाइट पर भी मौजूद हो सकते हैं. कई बार तो SMS, ईमेल या सोशल मीडिया पर भेजे गए लिंक के जरिए भी इनका फैलाव होता है.

कैसे होती है ठगी?

ठग SMS या सोशल मीडिया पर एक लिंक भेजते हैं, जो देखने में बिल्कुल असली बैंक की साइट जैसा होता है. यूज़र उस पर जाकर ऐप डाउनलोड कर लेता है, जो कि .apk फाइल के रूप में होता है. एक बार ऐप इंस्टॉल हुआ नहीं कि वो फोन के सारे डेटा तक पहुंच बना लेता है-SMS पढ़ना, OTP चुराना, पासवर्ड कैप्चर करना और यहां तक कि पूरे फोन का कंट्रोल ले लेना!

कैसे बचें इस धोखाधड़ी से?

  1. बैंकिंग ऐप हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या प्ले स्टोर से ही डाउनलोड करें.
  2. डाउनलोड से पहले ऐप का डेवलपर, रिव्यू और यूज़र रेटिंग जरूर चेक करें.
  3. कोई ऐप कॉन्टैक्ट्स, कैमरा या स्क्रीन एक्सेस मांगे तो सतर्क हो जाएं.
  4. टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) जरूर ऑन रखें.
  5. अनजान नंबर या इनाम वाले मैसेज से आए लिंक पर क्लिक न करें.
  6. अगर ऐप या वेबसाइट पर स्पेलिंग मिस्टेक दिखे, तो तुरंत पीछे हट जाएं.
  7. सोशल मीडिया या विज्ञापनों से मिली .apk फाइल्स को कभी इंस्टॉल न करें.