नई दिल्ली: टेक्नोलॉजी की दुनिया में स्मार्टफोन सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला डिवाइस बन चुका है. इनमें कई एडवांस फीचर्स आ गए हैं, खासकर डाटा की सुरक्षा को लेकर. अक्सर लोग पूछते हैं कि क्या फोन में सेव फिंगरप्रिंट से लैपटॉप को अनलॉक किया जा सकता है? आइए जानते हैं इसकी पूरी सच्चाई.
आम तौर पर ऐसा संभव नहीं है. आपके फोन में सेव फिंगरप्रिंट डाटा सीधे लैपटॉप के साथ शेयर नहीं होता. स्मार्टफोन फिंगरप्रिंट की जानकारी को बेहद सुरक्षित तरीके से अपने सिक्योर हार्डवेयर या सुरक्षित एरिया में रखता है. फोन सिर्फ यह चेक करता है कि इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति अधिकृत है या नहीं. इसका मतलब है कि फोन में रजिस्टर्ड आपका फिंगरप्रिंट लैपटॉप में ट्रांसफर होकर उसे अनलॉक नहीं कर सकता.
फिंगरप्रिंट बायोमेट्रिक जानकारी होती है. इसे नॉर्मल फोटो या फाइल की तरह दूसरे डिवाइस पर भेजना सुरक्षित नहीं माना जाता. एडवांस स्मार्टफोन फिंगरप्रिंट की असली इमेज किसी ऐप या दूसरे डिवाइस को नहीं देते. फोन का सिक्योरिटी सिस्टम सिर्फ यह पुष्टि करता है कि स्कैन किया गया फिंगरप्रिंट पहले से रजिस्टर्ड फिंगरप्रिंट से मेल खाता है या नहीं. मेल खाने पर ही डिवाइस या ऐप को अनुमति मिलती है.
कुछ खास मामलों में स्मार्टफोन लैपटॉप अनलॉक करने में मदद कर सकता है, लेकिन सीधे फोन के फिंगरप्रिंट से नहीं. कुछ ऐप्स और सॉफ्टवेयर फोन और कंप्यूटर के बीच सिक्योर्ड कनेक्शन बनाते हैं. फोन पर फिंगरप्रिंट से अपनी पहचान वेरिफाई करने के बाद ऐप लैपटॉप को अनलॉक करने की अनुमति देता है. यह सुविधा ऑपरेटिंग सिस्टम, फोन, ऐप और सिक्योरिटी प्रोटोकॉल पर निर्भर करती है.
कई एडवांस लैपटॉप में अपना अलग बायोमेट्रिक सिक्योरिटी सिस्टम होता है. Windows वाले कंप्यूटर में Windows Hello के जरिए फिंगरप्रिंट या फेस ऑथेंटिकेशन सपोर्ट होता है. कुछ MacBook मॉडल में Touch ID दिया जाता है. इनमें फिंगरप्रिंट सेंसर सीधे लैपटॉप के सिक्योरिटी सिस्टम से जुड़ा होता है. इसलिए डिवाइस अनलॉक करने के लिए फोन की जरूरत नहीं पड़ती.